■ मनपा की ‘पैदल यात्री प्रथम’ पहल शुरू

● मुंबई
मुंबई में पैदल यात्रियों की बढ़ती समस्याओं को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (मनपा) शहरभर के 16.5 किमी फुटपाथों को पैदल यात्रियों के अनुकूल बनाने के लिए एक पायलट योजना शुरू कर रही है। इस योजना के तहत 14 प्रमुख और अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मौजूद छोटे-छोटे फुटपाथ खंडों को यूनिवर्सल फुटपाथ पॉलिसी के अनुरूप मॉडल रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि भविष्य में पूरे शहर के पैदल ढांचे के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार हो सके।
द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इन 14 स्थानों में से 6.40 किमी फुटपाथ (चार स्थान) दक्षिण मुंबई में, 5.96 किमी (पांच स्थान) पूर्वी उपनगरों में और 4.19 किमी (पांच स्थान) पश्चिमी उपनगरों में शामिल हैं। सभी स्थानों पर फुटपाथों को अतिक्रमण-मुक्त, सुगम और सभी के लिए सुलभ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
अतिरिक्त आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर के अनुसार अपग्रेडेशन के दौरान दिव्यांगजन के अनुकूल टैक्टाइल पथ, पेड़ों के आसपास सुरक्षित क्षेत्र और चुनिंदा जगहों पर बैठने की बेंच भी शामिल की जाएंगी। फुटपाथों की मरम्मत यूनिवर्सल फुटपाथ पॉलिसी के मानकों के अनुसार होगी, जिसमें समतल सतह, पर्याप्त चौड़ाई, बाधाओं और अतिक्रमणों को हटाने जैसे दिशानिर्देश शामिल हैं।

नीति के अनुसार सुरक्षित आवागमन के लिए किसी भी पैदल क्षेत्र की न्यूनतम चौड़ाई 1.50 मीटर और ऊंचाई 2.20 मीटर होनी चाहिए। बाधाओं या पेड़ों के कारण आवश्यकता पड़ने पर इसे 1.20 मीटर तक कम किया जा सकता है।
इस सप्ताह परियोजना को अंतिम मंजूरी मिल चुकी है। मनपा का उद्देश्य इन मॉडल फुटपाथों को अन्य क्षेत्रों में भी दोहराना है। ‘पैदल यात्री प्रथम’ योजना के तहत इस साल बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। बांगर ने बताया कि अगले वर्ष इस मद में और बढ़ोतरी की जा सकती है।
इस वर्ष की शुरुआत में बॉम्बे हाई कोर्ट ने फुटपाथों पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के मामलों में कड़े निर्देश दिए थे, जिसके बाद सुधार की प्रक्रिया तेज हुई है।
