
वूमेंस प्रीमियर लीग 2026 का ऑक्शन इस बार कई बड़े नामों, रिकॉर्ड बोली और चौंकाने वाले फैसलों के लिए याद किया जाएगा। कुल 276 खिलाड़ियों की सूची में से 73 स्लॉट भरने थे, लेकिन पाँचों फ्रेंचाइजियों ने मिलकर 67 खिलाड़ियों को खरीदा, जिनमें 23 विदेशी क्रिकेटर शामिल रहीं। टीमों ने कुल 40.8 करोड़ रुपये खर्च किए और इस दौरान कुछ खिलाड़ियों की बोली ने माहौल ही बदल दिया।

इस ऑक्शन की सबसे बड़ी स्टार रहीं दीप्ति शर्मा। यूपी वॉरियर्स ने राइट-टू-मैच (RTM) का इस्तेमाल करते हुए उन्हें 3.20 करोड़ रुपये में टीम में वापस शामिल किया। यह बोली उन्हें इस ऑक्शन की सबसे महंगी खिलाड़ी बनाने के साथ-साथ RTM प्रावधान से रिटेन होने वाली पहली महिला क्रिकेटर भी बना गई। इसके अलावा वह डब्ल्यूपीएल इतिहास की दूसरी सबसे महंगी भारतीय खिलाड़ी भी बनीं।

दीप्ति के बाद सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं न्यूज़ीलैंड की ऑलराउंडर अमेलिया केर। मुंबई इंडियंस ने उन्हें 3 करोड़ रुपये में खरीदा। रिलीज किए जाने के बावजूद उन पर इतनी बड़ी बोली लगने से वह लीग की दूसरी सबसे महंगी विदेशी खिलाड़ी बन गईं।

भारतीय तेज गेंदबाज शिखा पांडे इस ऑक्शन की तीसरी सबसे महंगी खिलाड़ी रहीं। यूपी ने उन्हें 2.40 करोड़ रुपये में टीम का हिस्सा बनाया। चौथे स्थान पर रहीं सोफी डिवाइन, जिन्हें गुजरात जायंट्स ने 2 करोड़ रुपये की बोली के साथ जोड़ा। मेग लैनिंग को यूपी ने 1.90 करोड़ रुपये में खरीदा और वह इस ऑक्शन की पाँचवीं सबसे महंगी खिलाड़ी बनीं।

टीम गठन की बात करें तो दिल्ली कैपिटल्स, मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने अपना पर्स पूरा खर्च करते हुए 16-16 खिलाड़ियों की स्क्वाड बनाई। इनमें 6 विदेशी और 10 भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं। दूसरी ओर गुजरात जायंट्स और यूपी वॉरियर्स ने 18-18 खिलाड़ियों की टीम तैयार की। दिलचस्प यह रहा कि दोनों टीमों के पर्स में 15-15 लाख रुपये और एक-एक RTM स्लॉट बचा रहा।
डब्ल्यूपीएल 2026 का यह ऑक्शन साफ करता है कि महिला क्रिकेट का स्तर, रोमांच और मार्केट वैल्यू लगातार बढ़ रही है और आने वाला सीजन इस मुकाबले को और दिलचस्प बना देगा।
