■ सूर्यकांत उपाध्याय

यह कहानी शहर में रहने वाले दो दोस्तों की है, जो एक साथ रहते थे और एक साथ पढ़ने जाते थे। इनका बचपन साथ बीता और आगे चलकर इन्होंने कॉलेज की पढ़ाई भी एक साथ पूरी की।
दोनों ने एक साथ जॉब के लिए आवेदन किया और सौभाग्य से दोनों का चयन हो गया। दोनों दोस्तों के नाम चंदन और कुंदन थे। चंदन की नौकरी में लगातार तरक्की होती गयी पर कुंदन को पदोन्नति नहीं मिल पा रही थी। धीरे-धीरे वह चंदन से जलने लगा। वह सोचता रहता कि ऐसा क्या है जो चंदन कर रहा है और वह नहीं कर पा रहा।
एक दिन बॉस ने कुंदन को एक काम दिया तो वह उल्टे बॉस से बहस करने लगा। उसका कहना था कि चंदन आपके पास ज्यादा रहता है इसलिए आप उसे पसंद करते हैं। मैं यह काम नहीं करना चाहता क्योंकि हमने यहाँ जॉब एक साथ शुरू की थी। शुरू से अब तक हमने लगन से काम किया पर प्रमोशन केवल चंदन को मिला। इसलिए मैं अब यह नौकरी नहीं करना चाहता। बॉस उसकी सारी बातें शांत मन से सुनते रहे।
बात पूरी होने पर बॉस ने कहा, ‘कुंदन, मैं जानता हूँ कि तुमने मेहनत की है, लेकिन उतनी नहीं जितनी करनी चाहिए थी। पर कुंदन अपनी जिद पर अड़ा रहा और बार-बार कहने लगा कि उसे यह नौकरी नहीं करनी। यह देखकर बॉस ने कहा, ‘ठीक है, मैं तुम्हारा प्रमोशन कर दूँगा और तुम्हें चंदन से ज्यादा सैलरी भी दूँगा, लेकिन पहले तुम्हें एक शर्त पूरी करनी होगी।’
कुंदन ने शर्त मान ली। बॉस ने कहा, ‘जाओ, बाजार में कितने केले वाले हैं, यह देखकर आओ। कुंदन गया और लौटकर बोला, ‘बाजार में एक ही केले वाला है।’ फिर बॉस ने कहा, ‘अच्छा, अब यह पता करके आओ कि केले का भाव क्या है।’ वह गया और लौटकर बोला, ‘केले साठ रुपये दर्जन हैं।’
अब बॉस ने कहा, ‘ठीक है, यही काम अब मैं चंदन को देता हूँ।’ चंदन बाजार गया और जानकारी लेकर लौटा। उसने बताया, ‘बाजार में एक ही केले वाला है और वह साठ रुपये दर्जन के भाव से बेच रहा है। लेकिन अगर हम उसके सारे केले खरीद लें तो वह पचास रुपये दर्जन में दे देगा। उसके पास तीस दर्जन केले हैं। अगर हम सारे खरीदकर बाजार में साठ रुपये दर्जन के भाव पर बेचें तो अच्छा मुनाफा हो सकता है।’
चंदन की यह बात कुंदन एक कोने में खड़ा सुन रहा था। वह यह सब सुनकर आश्चर्यचकित रह गया। उसे अपनी गलती का एहसास हो गया।
अब वह समझ चुका था कि केवल कठिन परिश्रम से काम नहीं चलता, अकल का उपयोग भी उतना ही जरूरी है। उसके बाद कुंदन ने ऑफिस में काम जारी रखा और बॉस से अपनी गलती के लिए माफी माँग ली।
