
● कोलकाता
पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेन्सिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान बड़ा खुलासा हुआ। शुरुआती रिपोर्ट में दावा किया गया कि राज्य के 2,208 बूथों पर पिछले 20 वर्षों में एक भी मौत नहीं हुई। यह अजीबोगरीब आंकड़ा देखते ही चुनाव आयोग चौकन्ना हो गया और सख्त निर्देश जारी कर दिए।
आयोग की फटकार और दोबारा जांच के बाद सच सामने आया कि 2,208 नहीं, केवल 29 बूथों पर ऐसी स्थिति पाई गई। यह साफ हुआ कि हजारों मृत मतदाताओं के नाम सूची में बने हुए थे।
सबसे संदिग्ध जिला दक्षिण 24 परगना रहा, जहां रायदिघी, कुलपी, पठारप्रतिमा और मगराहाट में सबसे ज्यादा ‘अमर वोटर्स’ दिखाए गए थे। भाजपा ने आरोप लगाया कि मृत मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए नहीं गए ताकि फर्जी मतदान कराया जा सके।
यह पूरा मामला बंगाल में मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
