
नई दिल्ली।
भारत दौरे पर साउथ अफ्रीका ने हर प्रारूप में चुनौती पेश की और कई मौकों पर भारतीय टीम को कड़ी टक्कर दी। टेस्ट सीरीज में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद उसने वनडे और टी20 में भी आक्रामक खेल दिखाया। हालांकि, टी20 सीरीज के निर्णायक मोड़ पर टीम इंडिया ने अनुभव और संयम का परिचय देते हुए बाजी मार ली।
शुक्रवार को खेले गए पांचवें और अंतिम टी20 मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका को 30 रनों से हराकर सीरीज 3-1 से अपने नाम कर ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने तिलक वर्मा और हार्दिक पांड्या की विस्फोटक पारियों के सहारे 20 ओवर में पांच विकेट पर 231 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका की शुरुआत आक्रामक रही। क्विंटन डिकॉक की तूफानी बल्लेबाजी ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया और एक समय ऐसा लगा कि मेहमान टीम मैच छीन ले जाएगी। मगर जसप्रीत बुमराह की सधी हुई गेंदबाजी और इसके बाद वरुण चक्रवर्ती के निर्णायक स्पेल ने मैच का रुख पलट दिया। साउथ अफ्रीका की टीम 20 ओवर में आठ विकेट पर 201 रन ही बना सकी।
सीरीज की बात करें तो भारत ने पहला मुकाबला जीता था, दूसरे मैच में साउथ अफ्रीका ने वापसी की। तीसरा टी20 भारत के नाम रहा, जिससे उसे 2-1 की बढ़त मिली। लखनऊ में प्रस्तावित चौथा मैच मौसम की भेंट चढ़ गया, जिससे मेहमान टीम के पास सीरीज जीतने का अवसर समाप्त हो गया। आखिरी मुकाबले में बराबरी की कोशिश भी नाकाम रही और अंततः सीरीज भारत के खाते में चली गई।
