
● मुंबई
महाराष्ट्र में सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की सख्ती और सतत प्रयास अब असर दिखाने लगे हैं। नवंबर 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि सड़क दुर्घटनाओं की संख्या भले ही मामूली बढ़ी हो पर हादसों में जान गंवाने वालों की तादाद में गिरावट दर्ज की गई है।
जनवरी से नवंबर 2025 के बीच राज्य में 33,002 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 14,066 लोगों की मौत हुई। वहीं, 2024 की समान अवधि में 32,784 दुर्घटनाओं में 14,185 लोगों की जान गई थी। तुलना करें तो दुर्घटनाओं में 0.66 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई पर मौतों की संख्या 0.83 प्रतिशत घट गई। यह बदलाव सड़क सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है।
मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर सुधार और भी स्पष्ट नजर आया। 2024 में जहां इस मार्ग पर 82 लोगों की मौत हुई थी, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 61 रह गई। यानी करीब 26 प्रतिशत की कमी। इसी दौरान दुर्घटनाओं की संख्या भी 66 से घटकर 54 पर आ गई, जो लगभग 18 प्रतिशत की गिरावट है।

राज्य के कई जिलों में भी उत्साहजनक आंकड़े सामने आए हैं। नागपुर शहर में सड़क हादसों से मौतें 21 प्रतिशत कम हुई हैं। पालघर में 20 प्रतिशत, अमरावती में 17 प्रतिशत, पुणे में 15 प्रतिशत, धुले में 14 प्रतिशत और छत्रपति संभाजीनगर में 12 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
परिवहन विभाग का कहना है कि 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए आने वाले दिनों में सड़क सुरक्षा उपायों को और सख्ती से लागू किया जाएगा। विभाग ने वाहन चालकों और पैदल यात्रियों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि यह सकारात्मक रुझान और मजबूत हो सके।
