
मुजफ्फरपुर (बिहार)
“आओ गाएं रामकथा घर-घर में” आध्यात्मिक आंदोलन के प्रणेता पूज्यश्री प्रेमभूषण महाराज के व्यासत्व में हरियाणा सेवा संघ द्वारा पानी टंकी चौक के निकट स्थित जिला स्कूल परिसर में 30 दिसंबर तक नौ दिवसीय दिव्य श्रीरामकथा का आयोजन किया गया है। यह कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 5 बजे तक होगी।
नौ दिवसीय रामकथा के मंगलाचरण में पूज्यश्री प्रेमभूषण महाराज ने व्यासपीठ से निवेदन करते हुए कहा कि जीवन में कथा का अवतरित होना संयोग नहीं, सुयोग है। कथा के लिए लोगों की नहीं, भाव की आवश्यकता होती है। रामकथा को सुनने वाला व्यक्ति सर्वकाल आनंद भाव में रहता है। अध्यात्म हो या विज्ञान दोनों के शोध का परिणाम एक ही होता है। रामकथा की अप्रतिम महिमा है, जो सबका मंगल करती है।
पूज्यश्री ने रामकथा और सत्संग की महिमा का गान करते हुए कहा कि सत्संग सठ को भी बदल देता है किंतु वही व्यक्ति सुधरता है जो स्वयं सुधारना चाहता है। जो नहीं सुधरना चाहता, उसे भगवान भी नहीं सुधार सकते। भक्ति और कथा भगवान के लिए नहीं, स्वयं के लिए होती है। भगवत् शरण में जाने के लिए भी पुण्य चाहिए। हमारी भगवत्-भक्ति का भाव और व्यवहार ही भगवान को संतुष्ट करता है।
कल्याणकारी जीवन सूत्र प्रदान करते हुए पूज्यश्री ने कहा कि परमात्मा और मृत्यु ये दोनों जीवन के अकाट्य सत्य हैं। सभी को इनका सदैव स्मरण रखकर जीवन जीना चाहिए। कथा-वक्ता द्वारा अपनी बातों को अधिक प्रमुख करने से भगवान की कथा का लोप होता है। व्यक्ति को अपनी दृष्टि के अनुसार ही सृष्टि का दर्शन होता है। मनुष्य शरीर पाकर भी भजन के प्रति आलस्य रखने वाला व्यक्ति अभागा होता है, जबकि भजन करने वाले को भगवान अवश्य मिलते हैं।

रामकथा के दौरान प्रसंगानुसार पूज्यश्री ने लोकप्रिय भजनों “देखी अजब निराली महिमा सत्संग की”, “जय-जय रामकथा, जय श्रीरामकथा”, “सत्संग से प्रेम करना सीखो जी”, “जो करते रहोगे भजन धीरे-धीरे”, “जिसको जीवन में मिला सत्संग है” आदि का गायन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
उल्लेखनीय है कि नौ दिवसीय रामकथा के प्रथम दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दीप प्रज्वलित किया। उनके साथ बिहार आरएसएस उत्तर-पूर्व प्रांत के प्रांत प्रचारक रविशंकर सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री राजभूषण चौधरी, मुजफ्फरपुर विधायक रंजन कुमार सिन्हा, महापौर निर्मला साहू, विधायक केदार प्रसाद, विधायिका बेबी देवी तथा पूर्व विधायक सुरेश शर्मा ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन कर रामकथा का शुभारंभ किया।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि पूज्यश्री प्रेमभूषण महाराज के व्यासत्व में आयोजित इस रामकथा में आना उनका परम सौभाग्य है। भगवान राम आदर्श के पर्याय हैं। हमारा समस्त ज्ञान और कल्पनाएं भगवान राम के जीवन-चरित्र से अनुप्राणित हैं। राम सभी पुरुषार्थों के शीर्ष हैं। देश में प्रगति और सद्भावना राम के बिना संभव नहीं है। भगवान पर प्रश्न उठाना देश के संविधान का अपमान है।
रामकथा महोत्सव के मुख्य संकल्पी गोविंद प्रसाद भिवानी वाला और प्रेमचंद गुप्ता द्वारा आयोजित इस रामकथा में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे भगवान यह उपदेश देते हैं कि अधिकार से पूर्व कर्तव्य का बोध होना चाहिए, यही रामत्व है। अतः हमें सदैव राष्ट्रधर्म का पालन करना चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने विदेहभूमि और वैदेही माता सीता को नमन करते हुए कहा कि मिथिला की पावन भूमि में अवतरित माता सीता ने राम को भगवान राम बना दिया। वही भगवान राम हमारी मानवता और भारतीयता के प्रतीक हैं।
