
● मुंबई ।
साल 2025 वैश्विक और राष्ट्रीय घटनाओं के लिहाज से असाधारण रहा। युद्ध, कूटनीति, लोकतंत्र, आतंकवाद और तकनीक सभी मोर्चों पर उथल-पुथल दिखी। अमेरिका ने ईरान के भूमिगत परमाणु ठिकानों पर बंकर बस्टर बम से हमला कर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ाया। दूसरी ओर, 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा का भारत प्रत्यर्पण न्याय की लंबी लड़ाई का अहम पड़ाव बना।
भारत में नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में 51 करोड़ मतदाताओं के वोटर वेरिफिकेशन अभियान ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा दिखाई। पड़ोसी नेपाल में जेन जी आंदोलन ने युवाओं की संगठित शक्ति को सामने रखा, जिसने सत्ता को हिलाकर रख दिया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट से जुड़ा निजी पल वैश्विक सुर्खियों में रहा, जबकि भारत के लिए शुभांशु शुक्ला का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचना गर्व का क्षण बना। वहीं, एयर इंडिया की भीषण विमान दुर्घटना ने विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए।
भू-राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कार में हुई लंबी निजी बातचीत ने कूटनीतिक हलकों में चर्चा बटोरी। उधर, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमला और उससे जुड़ी मार्मिक तस्वीर ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया।
कुल मिलाकर, 2025 केवल घटनाओं का साल नहीं रहा, बल्कि हमारे समय की जटिल, टकरावपूर्ण और संवेदनशील वास्तविकता का प्रतिबिंब बनकर सामने आया।
