
■ मुंबई
मध्य रेलवे के मुंबई मंडल ने फर्जी टिकट और पास के बढ़ते मामलों पर तकनीक के जरिए कड़ा कदम उठाया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित ‘टीटीई ऐप’ और गाइडबुक तैयार कर टिकट जांच प्रणाली को और मजबूत किया गया है। अब टिकट चेकर कुछ ही सेकंड में किसी भी टिकट या पास की सच्चाई का पता लगा सकते हैं।
एसी और सामान्य लोकल की फर्स्ट क्लास, साथ ही मेल–एक्सप्रेस ट्रेनों में फर्जी टिकट और पास के मामले लगातार सामने आ रहे थे। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में ऐसे फर्जी टिकट और पास तैयार किए गए थे जो बहुत सटीक और असली जैसी दिखती थे, जिससे पहचान करना मुश्किल हो रहा था।
भीड़भाड़ और रोजाना के आवागमन को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इसे गंभीरता से लिया। नए टीटीई ऐप में टिकट और पास नंबर की तुरंत वैधता जांच की जा सकती है, जबकि ऑनलाइन टिकट पर मौजूद क्यूआर कोड स्कैन करते ही पूरी जानकारी स्क्रीन पर आ जाती है।
एआई और आधुनिक ग्राफिक तकनीक से लैस यह ऐप न सिर्फ फर्जी टिकट बनाने वालों पर शिकंजा कसेगा बल्कि उनके खिलाफ तेज़ और प्रभावी कार्रवाई भी संभव बनाएगा। शुरूआती असर भी दिखने लगा है। अब तक कई फर्जी टिकट मामले पकड़ में आए हैं और अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर सात यात्रियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है।
मध्य रेलवे का यह कदम न केवल टिकट जांच को आधुनिक और तेज बनाएगा, बल्कि ईमानदार यात्रियों के हितों की रक्षा करते हुए रेल यात्रा को सुरक्षित और पारदर्शी भी बनाएगा।
