■ संगम में पहली आस्था की डुबकी आज

● प्रयागराज
हिंदू पंचांग के अनुसार 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा मनाई जाएगी, जिसे पौषी पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह तिथि स्नान, दान और सूर्य उपासना के लिए विशेष पुण्यदायी मानी जाती है। इस दिन गंगा–यमुना जैसी पवित्र नदियों में स्नान तथा सूर्यदेव को अर्घ्य देने की परंपरा है। मान्यता है कि पवित्र नदियों या तीर्थस्थलों पर किया गया स्नान तन और मन दोनों को शुद्ध करता है।
पौष पूर्णिमा के साथ ही प्रयागराज माघ मेले का विधिवत शुभारंभ होगा। इसी दिन संगम तट पर श्रद्धालु माघ मेले की पहली पावन डुबकी लगाएंगे। यह तिथि माघ मास में एक माह तक चलने वाली तपस्या, संयम और साधना की शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है। पौष पूर्णिमा के अगले दिन से माघ माह आरंभ होता है।
उल्लेखनीय है कि प्रयागराज में हर वर्ष माघ मास के दौरान त्रिवेणी संगम के तट पर माघ मेले का आयोजन किया जाता है। लगभग एक माह तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में देश-विदेश से लाखों-करोड़ों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं।
पौष पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार पौष पूर्णिमा का आरंभ 2 जनवरी 2026 को शाम 6 बजकर 53 मिनट पर होगा, जबकि समापन 3 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 32 मिनट पर होगा। पूर्णिमा तिथि पर चंद्रोदय शाम 5 बजकर 28 मिनट पर होगा।
स्नान और दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 25 मिनट से 6 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक निर्धारित है। पंचांग के अनुसार ये दोनों मुहूर्त स्नान-दान और पुण्य कर्मों के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माने गए हैं।
यदि प्रयागराज न जा पाएं तब क्या?
यूं तो तीर्थ स्नान पर जाना, वहां रुकना और दर्शन आदि का महत्व विशेष होता है लेकिन यदि किसी कारणवश नहीं जा पाए तो घर पर ही ही एक बाल्टी में थोड़ा गंगाजल डाल लें, उसमें कुछ सादा जल डालें और मां गंगा का ध्यान करके एवं उनका नाम लेकर स्नान करें। गंगाजल में गरम पानी न मिलाएं।

जय श्री राम