■ पूरे देश में 10 अरब पेड़ लगेंगे

● दुबई
एक ऐसा देश, जहाँ लगभग 95 प्रतिशत भूभाग आज भी रेगिस्तान है, वहाँ रेत केवल जमीन नहीं, पहचान का हिस्सा रही है। बद्दू जीवनशैली, ऊँटों के काफ़िले, नखलिस्तान और अंतहीन मरुयात्राएँ सऊदी अरब की संस्कृति और इतिहास में गहराई से रची-बसी हैं। परंतु यह तस्वीर पूरी नहीं है। इतिहास और विज्ञान बताते हैं कि कभी यही अरब प्रायद्वीप “ग्रीन अरबिया” कहलाता था एक ऐसा दौर जब पर्याप्त वर्षा होती थी, हरियाली फैली थी और भूमि निरंतर जीवन का आधार बन सकती थी।
आज उसी भूले-बिसरे अतीत से प्रेरणा लेकर सऊदी अरब अपने भविष्य की दिशा तय कर रहा है। यह पहल केवल सौंदर्यीकरण या प्रतीकात्मक हरियाली तक सीमित नहीं है बल्कि दीर्घकालिक स्थिरता और पर्यावरणीय संतुलन से जुड़ी है। सऊदी अरब ने सदियों तक कठोर जलवायु में टिके रहना सीखा और बाद में तेल ने उसे आर्थिक शक्ति प्रदान की। परंतु यह भी स्वीकार किया गया कि तेल न तो भूमि की प्रकृति बदल सकता है और न ही भविष्य की स्थायी गारंटी बन सकता है।
इसी सोच के तहत 2021 में क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान के संरक्षण में ‘सऊदी ग्रीन इनिशिएटिव’ (एसजीआई) की शुरुआत हुई। इस पहल का लक्ष्य असाधारण है, पूरे देश में 10 अरब पेड़ लगाना, लगभग 7.48 करोड़ हेक्टेयर भूमि का पुनर्वास करना और मरुस्थलीकरण की दशकों पुरानी समस्या को पीछे धकेलना।

सऊदी अरब में स्थित ‘रुब अल-ख़ाली’ विश्व का सबसे बड़ा सतत रेतीला रेगिस्तान है, जो लगभग 6.5 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। रेत के टीले, पथरीले पठार और कंकरीले मैदान यहाँ की भौगोलिक सच्चाई हैं। कम वर्षा, सीमित कृषि भूमि और नगण्य वन क्षेत्र बड़े पैमाने पर हरियाली के मार्ग में बड़ी चुनौती प्रस्तुत करते हैं। इसके बावजूद, सऊदी अरब का लक्ष्य वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित करता है। 10 अरब पेड़ लगाना वैश्विक हरितीकरण प्रयासों का लगभग एक प्रतिशत और ‘मिडिल ईस्ट ग्रीन इनिशिएटिव’ के 50 अरब पेड़ों के लक्ष्य का करीब 20 प्रतिशत है।
पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय के अनुसार, जुलाई 2025 तक 15 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए जा चुके हैं और लगभग 5 लाख हेक्टेयर भूमि का पुनर्वास किया गया है। उल्लेखनीय यह है कि हरितीकरण की यह यात्रा 2021 से पहले ही शुरू हो चुकी थी। वर्ष 2017 से 2023 के बीच लगभग 4 करोड़ पेड़ लगाए गए, जो दर्शाता है कि सऊदी अरब रेगिस्तान के बीच हरियाली का भविष्य गढ़ने के लिए पहले से ही गंभीर प्रयास कर रहा है।
