
● मुंबई
मुंबई महानगरपालिका चुनावों को पारदर्शी और अनुशासित बनाने के लिए राज्य चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा 15 लाख रुपए तय कर दी है। इसी दिशा में मनपा प्रशासन ने चुनाव प्रचार से जुड़े खर्चों का विस्तृत ‘रेट कार्ड’ जारी किया है, जिसमें भोजन, प्रचार सामग्री और विभिन्न व्यवस्थाओं की तय दरें निर्धारित की गई हैं।
रेट कार्ड के अनुसार चुनावी सभाओं और बैठकों में परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की कीमतें स्पष्ट कर दी गई हैं। शाकाहारी भोजन की दर 110 रुपए प्रति थाली तय की गई है। पावभाजी 70 रुपए, वड़ा-पाव 15 रुपए, चाय 10 रुपए और कॉफी 12 रुपए प्रति कप मानी जाएगी। वहीं पोहा, उपमा, शिरा, इडली–सांभर, साबुदाणा खिचड़ी, मिसल पाव, ढोकला और भेल के लिए 25 रुपए प्रति प्लेट की एकसमान दर लागू होगी। लंच या डिनर में शाकाहारी भोजन का खर्च अधिकतम 110 रुपए ही माना जाएगा। मांसाहारी भोजन की दरों को लेकर अभी अलग से दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि मुंबई जैसे बड़े महानगर में कीमतों में अंतर के कारण चुनावी खर्च का सटीक आकलन कठिन होता है। इसी वजह से उम्मीदवारों को प्रतिदिन अपने खर्च का पूरा विवरण महापालिका के चुनाव विभाग में जमा करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही सभी भुगतान बैंक खाते के माध्यम से करने के निर्देश दिए गए हैं।
चुनावी खर्च पर नजर रखने के लिए शहर और उपनगरों के सभी 227 वार्डों में विशेष निगरानी पथक तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त औचक जांच के लिए ‘उड़न दस्ते’ भी सक्रिय रहेंगे। प्रचार के दौरान इस्तेमाल होने वाली टोपी, स्कार्फ, फेस मास्क, बैनर, मंच, कुर्सियां, फटाके, बैंड पार्टी, सुरक्षा रक्षक और अन्य व्यवस्थाओं पर भी तय दरों का पालन करना अनिवार्य होगा।
मनपा ने यह रेट कार्ड सभी राजनीतिक दलों को भेज दिया है ताकि चुनावी मैदान में एक समान नियमों के तहत खर्च का लेखा-जोखा रखा जा सके और चुनाव प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय बन सके।
