
● मुंबई
बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने नागरिकों को वायु प्रदूषण से जुड़े हालिया आंकड़ों और नियमों के पालन के संबंध में जानकारी दी है। महानगरपालिका के ‘पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग’ के अनुसार सर्दियों में तापमान कम होने और हवा की गति धीमी होने से जमीनी स्तर पर मौजूद प्रदूषक ऊंचाई वाली हवा में मिश्रित नहीं हो पाते, जिससे वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। अक्टूबर से फरवरी तक मुंबई में औसतन वायु प्रदूषण अधिक रहता है।
महानगरपालिका ने बताया कि निर्माण स्थलों, औद्योगिक उत्सर्जन, सड़क धूल और वाहन धुएं से प्रदूषण बढ़ता है। 15 अक्टूबर 2024 को संशोधित 28-बिंदु ‘सर्वकार मार्गदर्शक सिद्धांत’ जारी किए गए, जिनमें निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपाय, शीटिंग व हरे कपड़े से ढकना, पानी छिड़कना, वैज्ञानिक रूप से धूल का भंडारण, वायु मापन उपकरण और धुआं शोषक यंत्र लगाना शामिल हैं।
इन उपायों को लागू करने के लिए विभाग स्तर पर विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करती हैं। नियमों का पालन न करने वाले निर्माण स्थलों को क्रमशः लिखित सूचना, ‘कारण बताओ नोटिस’ और ‘काम रोकने की नोटिस’ जारी की जाती है। 1 से 31 दिसंबर 2025 के बीच 557 निर्माण स्थलों को कारण बताओ नोटिस और 233 स्थानों पर काम रोकने की नोटिस जारी की गई।
यदि किसी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 से ऊपर जाता है, तो उस क्षेत्र में ग्रेप 4 के तहत निर्माण कार्य रोके जाएंगे। प्रत्येक निर्माण स्थल पर लो कॉस्ट सेंसर उपकरण लगाना अनिवार्य है। अब तक 1,080 निर्माण स्थलों पर ये उपकरण लगाए जा चुके हैं।
मुंबई में कुल 28 सतत वायु गुणवत्ता सर्वेक्षण केंद्र हैं। इनमें से 14 महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के, 9 भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान, पुणे के और 5 महानगरपालिका के अधीन कार्यरत हैं। ये केंद्र केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार मापन, कैलिब्रेशन, डेटा प्रमाणन और गुणवत्ता आश्वासन सुनिश्चित करते हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त ‘समीर’ ऐप के माध्यम से वास्तविक एक्यूआई लगातार अपडेट किया जाता है। महानगरपालिका ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनुमानित या थर्ड-पार्टी डेटा की बजाय केवल ‘समीर’ ऐप या केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर प्रकाशित एक्यूआई को ही आधिकारिक मानें।
01 से 04 जनवरी 2026 तक के डेटा के अनुसार, मुंबई की वायु गुणवत्ता 01 और 02 जनवरी को संतोषजनक थी जबकि 03 और 04 जनवरी को मध्यम श्रेणी में रही।
