
मुंबई
स्वामी चिन्मयानंद द्वारा स्थापित वैश्विक चिन्मय आंदोलन के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चिन्मय मिशन मुंबई ने वर्षभर चलने वाले भव्य आयोजनों की घोषणा की है। ‘चिन्मय अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत आयोजित ये समारोह वेदांत के शाश्वत ज्ञान, मूल्य-आधारित जीवन और करुणामय सेवा की परंपरा को समर्पित होंगे।
चिन्मय मिशन विश्व के 29 देशों में 300 से अधिक केंद्रों के माध्यम से आध्यात्मिक, शैक्षिक और सामाजिक सेवा कार्यों में सक्रिय है। मिशन आश्रमों, मंदिरों, 86 से अधिक विद्यालयों, 9 महाविद्यालयों, एक अस्पताल तथा 1,250 से अधिक गांवों में ग्रामीण विकास परियोजनाओं का संचालन करता है। केरल के कोच्चि के समीप स्थापित चिन्मय विश्व विद्यापीठ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
मुंबई और नवी मुंबई में आठ क्षेत्रों के माध्यम से कार्यरत चिन्मय मिशन मुंबई शिशुविहार, बालविहार, युवा केंद्र, अध्ययन समूह, भजन, जप तथा विविध सामुदायिक पहलों के जरिए समग्र विकास को बढ़ावा देता आ रहा है।
महोत्सव के प्रमुख आकर्षण के रूप में रविवार, 1 फरवरी 2026 को बीकेसी, बांद्रा में ‘चैंट मुंबई-शांत मुंबई’ थीम पर विशाल आध्यात्मिक समागम आयोजित किया जाएगा। इसमें 108 समष्टि श्री हनुमान चालीसा हवन का आयोजन होगा, जिसमें 20,000 से अधिक श्रद्धालुओं के सामूहिक जप में शामिल होने की संभावना है। यह आयोजन मुंबई सहित संपूर्ण विश्व में शांति और सौहार्द की भावना के प्रसार को समर्पित रहेगा।
हवन से प्राप्त दानराशि ग्रामीण विकास, सेवा परियोजनाओं, शिक्षा, छात्रवृत्तियों, नए मिशन केंद्रों तथा गीता जप प्रतियोगिताओं जैसे सेवा कार्यों में उपयोग की जाएगी।
यह कार्यक्रम चिन्मय मिशन के वैश्विक प्रमुख स्वामी स्वरूपानंद जी, स्वामी तेजोमयानंद जी, चिन्मय मिशन मुंबई के प्रमुख स्वामी स्वात्मानंद जी तथा चिन्मय मिशन कोयंबटूर से स्वामी अद्यानंद जी और स्वामी शारदानंद जी की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न होगा।
