
● नई दिल्ली
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलती अश्लीलता, हिंसा और आपत्तिजनक सामग्री पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने ड्राफ्ट आईटी (डिजिटल कोड) नियम, 2026 पेश किए हैं। प्रस्तावित नियमों के तहत ऑनलाइन उपलब्ध हर कंटेंट को उसकी आयु-उपयुक्तता के आधार पर वर्गीकृत करना अनिवार्य होगा, ताकि दर्शक पहले ही जान सकें कि कौन-सी सामग्री किस उम्र के लिए उपयुक्त है।
मसौदे के अनुसार डिजिटल कंटेंट को ‘यू’ (सभी के लिए), 7+, 13+, 16+ और केवल वयस्क श्रेणियों में बांटा जाएगा। इसके साथ ही कंटेंट पर स्पष्ट लेबलिंग भी जरूरी होगी, जिसमें हिंसा, अश्लीलता, नग्नता, सेक्स, भाषा, ड्रग्स और हॉरर जैसे तत्वों की जानकारी दी जाएगी।
ड्राफ्ट नियमों में सख्त प्रावधान भी शामिल हैं। ऐसा कोई भी कंटेंट, जो धर्म, जाति, समुदाय या किसी वर्ग का अपमान करे, हिंसा को बढ़ावा दे, महिलाओं और बच्चों को नीचा दिखाए या भ्रामक व अश्लील संकेत प्रसारित करे, उसे प्रतिबंधित श्रेणी में रखा जाएगा।
सरकार का कहना है कि इन नियमों का मकसद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व के बीच संतुलन कायम करना है, ताकि डिजिटल मंच अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बन सकें।
