■ शोक में डूबा विधानमंडल, अजीत पवार को अश्रुपूरित विदाई

● मुंबई
महाराष्ट्र विधिमंडल के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को गहरे शोक और भावनाओं के बीच हुई। सत्र के पहले दिन विधानसभा और विधान परिषद, दोनों सदनों में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सदन में जैसे ही शोक प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ, वातावरण गंभीर हो गया और अनेक विधायकों की आंखें नम हो उठीं।
विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ, अदिति तटकरे, विधायक जितेंद्र आव्हाड, रोहित पवार और भास्कर जाधव सहित अनेक सदस्यों ने दिवंगत नेता को नमन किया। श्रद्धांजलि के क्षणों में कई सदस्य भावुक दिखाई दिए।

विधान परिषद में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, सभापति राम शिंदे, उपसभापति नीलम गोरहे, सदस्य अमोल मिटकरी और सतेज पाटील समेत कई नेताओं ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शोक प्रस्ताव रखते हुए कहा कि राज्य ने एक अनुभवी और सक्षम नेतृत्व को खो दिया है। उन्होंने उल्लेख किया कि अजीत पवार छह बार उपमुख्यमंत्री रहे और यदि वे जीवित रहते तो इस वर्ष अपना 12वां बजट प्रस्तुत करते। उनकी प्रशासनिक दक्षता, स्पष्ट कार्यशैली और वित्त प्रबंधन की क्षमता का विशेष उल्लेख करते हुए फडणवीस ने कहा कि उनकी अनुपस्थिति से राजनीति में एक बड़ा शून्य उत्पन्न हुआ है। उन्होंने ‘लाडकी बहिन योजना’ को प्रभावी रूप देने में उनकी भूमिका को भी रेखांकित किया।
विधान परिषद में उद्धव ठाकरे ने अजीत पवार को अपना ‘करीबी मित्र’ बताते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद आपसी संबंध सदैव सम्मानपूर्ण रहे। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभिन्नता स्वाभाविक है, किन्तु व्यक्तिगत मर्यादा बनी रहनी चाहिए।

सदन में कुछ सदस्यों ने उनकी मृत्यु से जुड़े विमान हादसे पर प्रश्न उठाए, जबकि कई नेताओं ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना बताते हुए अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी।
बजट सत्र का पहला दिन पूरी तरह शोक की छाया में बीता। सत्ता और विपक्ष ने एक स्वर में श्रद्धांजलि देकर दिवंगत नेता को भावपूर्ण विदाई दी।
