■ ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के बीच भारत की सख्त एडवायजरी
■ अमेरिका ने तैनात किए युद्धपोत, लड़ाकू विमान

● नई दिल्ली
ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के तीखे रुख और क्षेत्र में बढ़ते सामरिक तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और यथाशीघ्र ईरान छोड़ने की सलाह दी है। स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे विद्यार्थियों, धार्मिक यात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों सहित सभी भारतीयों से अपील की है कि उपलब्ध किसी भी सुरक्षित माध्यम से देश से बाहर निकलने की व्यवस्था करें। वाणिज्यिक उड़ानें उपलब्ध हों तो उनका उपयोग करने की भी सलाह दी गई है।
यह पिछले दो महीनों में दूसरी बार है जब भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एडवायजरी जारी की है। इससे पहले 5 जनवरी और 14 जनवरी को भी परामर्श जारी किया गया था। पहली एडवायजरी में ईरान छोड़ने की सलाह दी गई थी, जबकि दूसरी में भारतीयों को सतर्क रहने, किसी भी प्रकार के प्रदर्शन से दूर रहने और स्थानीय मीडिया की सूचनाओं पर नजर बनाए रखने को कहा गया था।
ताजा निर्देशों में दूतावास ने नागरिकों से अपने पासपोर्ट, यात्रा दस्तावेज और पहचान पत्र हर समय साथ रखने या तैयार रखने को कहा है। किसी भी आपात स्थिति में भारतीय दूतावास से तुरंत संपर्क करने की अपील भी की गई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जनवरी में ईरान में लगभग 9,000 भारतीय नागरिक रह रहे थे, हालांकि हाल के सप्ताहों में कुछ लोग स्वदेश लौट चुके हैं।
- मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य सक्रियता तेज
उधर, अमेरिका ने ईरान के निकट मध्य पूर्व क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है। आधुनिक युद्धपोत, लड़ाकू विमान और अन्य उन्नत सैन्य संसाधनों की तैनाती ने संभावित टकराव की आशंकाओं को बल दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियां आने वाले दिनों में हालात को और संवेदनशील बना सकती हैं।
