■ सर्दियों में सेहत की ढाल बना Google Maps

● नई दिल्ली
उत्तर भारत, विशेषकर दिल्ली एनसीआर में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण अक्सर गंभीर स्तर पर पहुंच जाता है। धुंध और स्मॉग की मोटी परत के बीच सांस लेना भी चुनौती बन जाता है। जहरीली हवा बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी रोगों से जूझ रहे लोगों के लिए अधिक खतरनाक साबित होती है। ऐसे में घर से बाहर निकलने से पहले अपने इलाके की हवा की स्थिति जान लेना समझदारी भरा कदम है। अब यह जानकारी आपके स्मार्टफोन या कंप्यूटर पर आसानी से उपलब्ध है। Google के Google Maps में मौजूद एयर क्वालिटी फीचर के जरिए आप रियल टाइम Air Quality Index यानी AQI देख सकते हैं और तय कर सकते हैं कि बाहर जाना सुरक्षित है या नहीं।
सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण होते हैं। पराली जलाने की घटनाएं, ठंडी और स्थिर हवाएं तथा टेम्प्रेचर इनवर्जन जैसी परिस्थितियां प्रदूषक कणों को जमीन के करीब रोक देती हैं। परिणामस्वरूप हवा में सूक्ष्म कणों की मात्रा बढ़ जाती है और वातावरण जहरीला हो जाता है। ऐसे समय में मॉर्निंग वॉक, स्कूल जाना या किसी भी बाहरी गतिविधि से पहले AQI जांचना जरूरी हो जाता है, ताकि स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से बचा जा सके।
Google Maps का Air Quality फीचर रंगों के माध्यम से हवा की गुणवत्ता दर्शाता है। हरा रंग स्वच्छ हवा का संकेत देता है, पीला सामान्य स्तर को बताता है, नारंगी संवेदनशील लोगों के लिए सावधानी का संकेत है, लाल खराब स्थिति को दर्शाता है और गहरा लाल बेहद खतरनाक स्तर की चेतावनी देता है। इस रंग प्रणाली से एक नजर में समझ आ जाता है कि आपके आसपास की हवा कितनी सुरक्षित है।
मोबाइल पर यह सुविधा उपयोग करना बेहद सरल है। सबसे पहले Google Maps ऐप को अपडेट कर खोलें। स्क्रीन पर दिख रहे लेयर्स आइकन पर टैप करें और Air Quality विकल्प चुनें। इसके बाद मानचित्र पर अलग-अलग रंग दिखाई देने लगेंगे। किसी भी स्थान पर टैप कर वहां का विस्तृत AQI देखा जा सकता है। यही सुविधा डेस्कटॉप पर भी उपलब्ध है। वेबसाइट खोलकर लेयर्स विकल्प में Air Quality चुनते ही विभिन्न इलाकों की वायु गुणवत्ता सामने आ जाती है।
तकनीक की यह सुविधा न केवल जानकारी देती है, बल्कि समय रहते सावधानी बरतने का अवसर भी प्रदान करती है।
