
● नई दिल्ली
आज का दिन भारत की रक्षा क्षमताओं के लिए अहम साबित हुआ, जब देश की समुद्री ताकत को नई मजबूती मिली। विशाखापत्तनम में आयोजित समारोह में उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट ‘तारागिरी’ और ‘अरिदमन’ को नौसेना में शामिल किया गया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रक्षा मंत्री ने ‘अरिदमन’ को भारत की शक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि विशाखापत्तनम लंबे समय से देश की समुद्री क्षमता का साक्षी रहा है, ऐसे में यहां ‘तारागिरी’ का कमीशनिंग होना एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि भारत का समुद्र से संबंध प्राचीन काल से रहा है, जो समय के साथ और सशक्त हुआ है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारतीय नौसेना फारस की खाड़ी से लेकर मलक्का जलडमरूमध्य तक अपनी सक्रिय उपस्थिति बनाए रखती है। संकट की हर घड़ी चाहे वह निकासी अभियान हो या मानवीय सहायता नौसेना हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़ी रहती है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि अब सुरक्षा केवल तटीय क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह सकती। जरूरी समुद्री मार्गों, रणनीतिक चोक पॉइंट्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा भी उतनी ही अहम है। इस दिशा में भारतीय नौसेना पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि तनावपूर्ण परिस्थितियों में नौसेना ने व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित कर भारत की वैश्विक जिम्मेदारी को मजबूत किया है। ‘तारागिरी’ की कमीशनिंग के साथ भारतीय नौसेना की ताकत, प्रतिबद्धता और विश्वसनीयता को नई ऊर्जा मिली है, जो भारत को एक जिम्मेदार समुद्री शक्ति के रूप में स्थापित करती है।
