
● मुंबई
मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पालिका ने अगले चार वर्षों में मुंबई को कचराकुंडी मुक्त बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इसके तहत शहरभर में मौजूद सार्वजनिक कचराकुंडियों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा और उनकी जगह घर-घर से कचरा संग्रहण की व्यवस्था लागू की जाएगी।
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, मुंबई में वर्तमान में लगभग 3,500 सार्वजनिक कचराकुंडियां हैं, जहां से रोजाना कचरा उठाया जाता है। हालांकि, समय पर कचरा न उठने के कारण ये कुंडियां अक्सर ओवरफ्लो हो जाती हैं, जिससे आसपास गंदगी, दुर्गंध और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा होती हैं। साथ ही, कचरे के ढेरों के कारण भटके हुए जानवरों का जमावड़ा भी बढ़ जाता है, जो स्थिति को और खराब करता है।
नई योजना के तहत हर साल 25 प्रतिशत कचराकुंडियों को हटाया जाएगा। इस प्रक्रिया की शुरुआत सितंबर 2026 से की जाएगी। चार वर्षों में पूरी मुंबई से कचराकुंडियां समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
पालिका ने कचरा प्रबंधन को सुचारू बनाने के लिए शहर के 24 वार्डों को 9 समूहों में बांटा है। इनमें से कुछ क्षेत्रों में बीएमसी के कर्मचारी ही कचरा उठाएंगे, जबकि बाकी क्षेत्रों के लिए निजी ठेकेदारों की नियुक्ति की जाएगी। ये ठेकेदार सीधे इमारतों के बाहर से कचरा एकत्र कर उसे निर्धारित कचरा निपटान स्थलों तक पहुंचाएंगे।
