■ असम में 85.04 प्रतिशत, केरल में 77.38 प्रतिशत और पुडुच्चेरी में 89.08 प्रतिशत मतदान

● नई दिल्ली
असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के तहत गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 को मतदान शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। शाम 6 बजे तक मतदान प्रक्रिया जारी रही और निर्धारित समय तक कतार में खड़े मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर दिया गया। एक ही चरण में तीनों राज्यों की कुल 296 सीटों पर वोट डाले गए, जिसके साथ ही उम्मीदवारों का भविष्य इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में सुरक्षित हो गया।
चुनाव आयोग के मुताबिक, असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 सीटों पर मतदान हुआ। मतदान के बाद ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को सख्त सुरक्षा के बीच सील कर दिया गया। मतदान प्रतिशत पर नजर डालें तो पुडुचेरी ने सबसे अधिक 89.08 प्रतिशत मतदान के साथ बढ़त बनाई, जबकि असम में 85.04 प्रतिशत और केरल में 77.38 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह आंकड़े मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को रेखांकित करते हैं।
असम में चुनाव को लेकर व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। राज्य के 35 जिलों में 31,940 मतदान केंद्र बनाए गए और 1.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। संवेदनशील बूथों पर विशेष सतर्कता बरती गई। साथ ही 126 मतदान केंद्रों को आदर्श केंद्र के रूप में विकसित किया गया। खास बात यह रही कि 4,021 बूथों का संचालन पूरी तरह महिला कर्मियों ने संभाला, जिनमें कछार जिले में सबसे अधिक 398 बूथ शामिल रहे।
मतदान को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल के अनुसार, सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग के माध्यम से प्रक्रिया की निगरानी की गई और मतदाताओं के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
केरल में 140 सीटों पर 833 उम्मीदवार मैदान में हैं, जहां सरकार बनाने के लिए 71 सीटों का आंकड़ा जरूरी है। वहीं पुडुचेरी में 30 सीटों में से 5 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं और बहुमत के लिए 16 सीटों की आवश्यकता होगी।
अब सबकी निगाहें चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो इन राज्यों की आगामी राजनीतिक दिशा और सत्ता समीकरण तय करेंगे।
