
● मुंबई
स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महाराष्ट्र सरकार स्कूल बस और परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र मोटर वाहन (स्कूल बस नियमन) (प्रथम संशोधन) नियम, 2026 का मसौदा तैयार कर लिया गया है। इस प्रस्तावित अधिसूचना पर 15 दिनों के भीतर आम जनता से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
नए नियमों के तहत अब स्कूल बसों का किराया क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण द्वारा निर्धारित किया जाएगा। छात्रों से केवल मासिक शुल्क ही लिया जा सकेगा और एकमुश्त अग्रिम राशि वसूलने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस निर्णय से अभिभावकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रत्येक स्कूल में स्कूल ट्रांसपोर्ट कमेटी का गठन अनिवार्य किया जाएगा, जो भाड़े, सुरक्षा और सेवाओं से संबंधित शिकायतों का समाधान करेगी। साथ ही, इस समिति को हर तीन महीने में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिससे निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
तकनीकी सुरक्षा को भी विशेष महत्व दिया गया है। सभी स्कूल बसों और वैन में जीपीएस आधारित वीएलटीडी, पैनिक बटन, सीसीटीवी, फायर अलार्म सिस्टम और सीट बेल्ट अनिवार्य किए जाएंगे। डिजिटल सेफ्टी सिस्टम के माध्यम से वाहनों की लाइव ट्रैकिंग, छात्रों की उपस्थिति, ऑटो अलर्ट और अभिभावकों तक सीधी सूचना पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। यह पूरी प्रणाली राज्य स्तरीय प्लेटफॉर्म से जुड़ी होगी।
इसके अलावा, प्रत्येक छात्र के चढ़ने और उतरने का दैनिक रिकॉर्ड रखा जाएगा। कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए हर यात्रा में महिला परिचारिका या प्रशिक्षित स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य होगी। ड्राइवर और सहायक स्टाफ के लिए पुलिस सत्यापन, मेडिकल फिटनेस और वैध नियुक्ति जरूरी होगी, तथा सभी रिकॉर्ड जांच के लिए उपलब्ध रखने होंगे।
सरकार का मानना है कि इन सख्त और आधुनिक नियमों से स्कूल परिवहन व्यवस्था में विश्वास और सुरक्षा दोनों मजबूत होंगे।
