
● ठाणे
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में तेजी से बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण को देखते हुए पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ठाणे पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (प्रशासन) श्रीकांत पाठक ने जानकारी दी कि जिले में 6 नए पुलिस स्टेशनों की स्थापना और एक नए डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) जोन को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही लगभग 1,200 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भर्ती का प्रस्ताव भी रखा गया है।
प्रस्तावित नए पुलिस स्टेशनों में काटई, नेवाली, दिवा, मानसरोवर, वंजारपट्टी और दापोड़ा शामिल हैं। इन क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती आबादी के कारण मौजूदा थानों पर अत्यधिक दबाव बना हुआ है। ठाणे के साथ-साथ भिवंडी, कल्याण-डोंबिवली और उल्हासनगर-अंबरनाथ में भी जनसंख्या वृद्धि ने कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को बढ़ाया है।
खासतौर पर भिवंडी, जो कभी पावरलूम उद्योग के लिए प्रसिद्ध था, अब तेजी से लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग हब में बदल रहा है। इसके चलते अपराध के स्वरूप में बदलाव आया है और पुलिसिंग की जरूरतें भी बढ़ी हैं। नए पुलिस थानों के शुरू होने से नारपोली, शांतिनगर, निजामपुरा और भोईवाड़ा जैसे मौजूदा थानों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
वहीं दिवा क्षेत्र की स्थिति लंबे समय से चिंताजनक रही है। यहां 5 लाख से अधिक आबादी होने के बावजूद केवल मुंब्रा थाने के अंतर्गत एक छोटी चौकी ही संचालित है। स्थानीय नागरिकों को एफआईआर दर्ज कराने के लिए 10 से 14 किलोमीटर तक यात्रा करनी पड़ती है, जो सुरक्षा की दृष्टि से जोखिमपूर्ण माना जा रहा है।
