■ पांच राज्यों में मतदाताओं की रिकॉर्ड भागीदारी
■ पश्चिम बंगाल में 90% से अधिक, तमिलनाडु में 84% मतदान
■ असम, केरल और पुडुचेरी में भी दिखा अभूतपूर्व जनउत्साह

● नई दिल्ली
गुरुवार को हुए विधानसभा चुनावों में मतदाताओं ने जिस उत्साह के साथ भागीदारी निभाई, उसने लोकतंत्र की शक्ति को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड स्तर पर मतदान दर्ज किया गया। बंगाल की 294 सीटों में से पहले चरण की 152 सीटों पर 91.46 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 84.41 प्रतिशत वोट पड़े, जो अब तक का उच्चतम स्तर माना जा रहा है।
मतदान के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे जनता का प्रबल संदेश बताया, वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे सत्तारूढ़ दल के पतन का संकेत कहा।
इससे पहले असम, केरल और पुडुचेरी में भी 9 अप्रैल को रिकॉर्ड मतदान देखने को मिला था। असम में 85.91 प्रतिशत मतदान हुआ, जो राज्य गठन के बाद सबसे अधिक है। पुडुचेरी में 89.87 प्रतिशत मतदान के साथ नया कीर्तिमान स्थापित हुआ। केरल में 78.27 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 1987 के बाद सर्वाधिक है।
पांचों राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को एक साथ घोषित किए जाएंगे। शुरुआती आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लिया है, जो भविष्य की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
