■ लू लगने के लक्षण, बचाव और उपाय

● मुंबई
महाराष्ट्र इस समय भीषण गर्मी की गिरफ्त में है। तापमान लगातार नए स्तर छू रहा है और कई जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है। तेज धूप और लू के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है, दोपहर के वक्त सड़कों और बाजारों में सन्नाटा साफ नजर आ रहा है।
मराठवाड़ा के परभणी से आई एक खबर ने स्थिति की गंभीरता को और उजागर किया है। यहां हीटस्ट्रोक के कारण 37 वर्षीय युवक शिवाजी बाबन कांबले की मौत हो गई। वे नासिक से अपने भाई के पास आए थे और नांदखेड़ रोड इलाके में यह घटना घटी।
विदर्भ में गर्मी ने और भी विकराल रूप ले लिया है। अकोला में तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि एक दिन पहले 45.6 डिग्री दर्ज कर यह देश का सबसे गर्म स्थान रहा।
नासिक जिले के निफाड़ और लासलगांव जैसे अपेक्षाकृत ठंडे माने जाने वाले इलाकों में भी पारा 42 डिग्री के पार पहुंच गया है। इसका असर पोल्ट्री उद्योग पर पड़ रहा है, मुर्गियों की सेहत बिगड़ रही है और मृत्यु दर में इजाफा हो रहा है।
वहीं मुंबई और ठाणे में भी तापमान 39 डिग्री तक दर्ज किया गया है, जिसके चलते यलो अलर्ट लागू है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घरों में रहें, बाहर निकलते समय सिर को ढकें और पर्याप्त पानी साथ रखें। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी और तीव्र होने की संभावना है।

■ हीट स्ट्रोक (उष्माघात) के शुरुआती लक्षण
- तेज सिरदर्द और चक्कर आना।
- जी मिचलाना या उल्टी होना।
- शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाना
- (सूखी त्वचा)।
- तेज नाड़ी (fast pulse)।
- मांसपेशियों में ऐंठन।
■ आपातकालीन स्थिति में
अगर किसी को लू लग जाए, तो उन्हें तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाएं, उनके कपड़े ढीले करें और गीले तौलिये से शरीर पोंछें या ठंडे पानी का स्प्रे करें। तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
- हाइड्रेशन (Hydration): प्यास न लगने पर भी नियमित रूप से पानी पिएं। नींबू पानी, इलेक्ट्रोलाइट्स, छाछ, नारियल पानी और घर के बने शर्बत (जैसे आम पन्ना) का सेवन करें।
खान-पान: हल्का और सुपाच्य भोजन करें। तरबूज, खीरा, ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।
कपड़े और पहनावा: हल्के रंग के, ढीले-ढाले और सूती (cotton) कपड़े पहनें। धूप में बाहर निकलते समय छाता, टोपी या स्कार्फ का उपयोग करें। - धूप से बचाव: दोपहर (10 बजे से 4 बजे) के समय बाहर जाने से बचें। अगर जाना ज़रूरी हो, तो सनस्क्रीन (SPF 30+) लगाएं।
- घर को ठंडा रखें: दिन के समय घर के खिड़की-दरवाजे बंद रखें और पर्दे गिराकर रखें। कूलिंग के लिए पंखे, कूलर या एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल करें।
- शारीरिक गतिविधि: कसरत या बाहरी काम सुबह या शाम के ठंडे समय में करें।
- विशेष ध्यान: बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों को कभी भी बंद कार में न छोड़ें।
