- स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को नया आदेश

मुंबई में दशकों से चली आ रही एक लोकप्रिय परंपरा अब बदलने जा रही है। शहर के स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अब वड़ा पाव जैसे खाद्य पदार्थों को अखबार में लपेटकर न बेचें। इस फैसले ने न सिर्फ खाद्य कारोबारियों बल्कि आम लोगों के बीच भी चर्चा छेड़ दी है।
दरअसल, यह कदम खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अखबार की स्याही में हानिकारक रसायन होते हैं, जो गर्म और तैलीय खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने पर स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। ऐसे में लंबे समय से चल रही यह आदत अब लोगों की सेहत पर खतरा मानी जा रही है।
मुंबई की पहचान बन चुका वड़ा पाव अक्सर सड़कों पर अखबार में लपेटकर ही दिया जाता रहा है। यह न सिर्फ सस्ता और सुविधाजनक तरीका था, बल्कि शहर की संस्कृति का भी हिस्सा बन गया था। लेकिन अब विक्रेताओं को फूड-ग्रेड पेपर या अन्य सुरक्षित पैकेजिंग का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
कई विक्रेताओं ने इस फैसले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि नई पैकेजिंग से लागत बढ़ेगी, जिससे छोटे दुकानदारों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। वहीं, ग्राहकों का भी मानना है कि अखबार में लिपटा वड़ा पाव एक अलग ही अनुभव देता था, जो अब खत्म हो जाएगा।
हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और प्रशासन इस फैसले को जरूरी बता रहे हैं। उनका कहना है कि स्वच्छता और सुरक्षा के लिए ऐसे बदलाव समय की मांग हैं। अब देखना होगा कि मुंबई के स्ट्रीट फूड कल्चर में यह बदलाव कितना जल्दी और किस तरह अपनाया जाता है।
