
▪️पुणे
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को ज्योतिर्लिंग तीर्थक्षेत्र भीमाशंकर मंदिर के समग्र विकास एवं पुनर्विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी कुंभमेले से पहले परियोजना के लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि मंदिर परिसर और सभामंडप के जीर्णोद्धार का कार्य तेज गति और उच्च गुणवत्ता के साथ चल रहा है। उन्होंने कहा कि विकास योजना पूरी होने के बाद भीमाशंकर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में 5 से 10 गुना तक वृद्धि होने की संभावना है।
फडणवीस ने बताया कि परियोजना के तहत करीब 150 परिवारों का पुनर्वास किया जा रहा है। इन परिवारों को निकटवर्ती क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार की योजना एक आदर्श गांव विकसित करने की है, जो स्थानीय निवासियों के साथ-साथ तीर्थयात्रियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।
यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए श्रद्धालुओं के आवागमन हेतु अलग-अलग मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। इससे भीड़ और जाम की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की व्यवस्था भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भीमाशंकर विकास परियोजना का स्वरूप उज्जैन के महाकाल कॉरिडोर से भिन्न होगा। यहां जंगल, जैव विविधता और वन्यजीवों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप ‘नेचुरल कॉरिडोर’ विकसित किया जा रहा है, ताकि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन कायम रखा जा सके।
