▪️ मुंबई

आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली ने महाराष्ट्र शासन द्वारा अधिसूचित ‘महाराष्ट्र सूचना का अधिकार नियम, 2026’ के कई प्रावधानों पर गंभीर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से नियमावली पर पुनर्विचार करने तथा उसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि नए नियम सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की मूल भावना के विपरीत हैं और इससे नागरिकों के सूचना प्राप्त करने के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
गलगली ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में विशेष रूप से इस बात का विरोध किया है कि अब नागरिकों को सूचना मांगते समय उसका उद्देश्य या कारण बताना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने यह भी आपत्ति जताई कि आवेदन शुल्क बढ़ाकर 30 रुपये तथा सूचना की प्रति का शुल्क 5 रुपये प्रति पृष्ठ कर दिया गया है, जबकि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार यह शुल्क 2 रुपये प्रति पृष्ठ है। इसके अतिरिक्त आवेदन को 150 शब्दों तक सीमित करना, एक आवेदन में केवल एक विषय रखने की शर्त, नागरिकता प्रमाण-पत्र संलग्न करने की अनिवार्यता तथा प्रथम एवं द्वितीय अपील पर शुल्क लगाने जैसे प्रावधानों पर भी पुनर्विचार की मांग की गई है।
