▪️ साहित्य और संगीत से सजा ‘सृजन संवाद’

- मुंबई
‘प्रेम सच में एक झरना है। यह शुद्ध भावना है। इसकी कोई मंजिल नहीं, कोई गंतव्य नहीं। प्यार में कुछ खोना या पाना नहीं होता। यह तो एक बहती धारा है।’ ये विचार कथाकार एवं पत्रकार हरीश पाठक ने चित्रनगरी संवाद मंच के प्रथम सत्र ‘सृजन संवाद’ के अंतर्गत कथाकार, शिक्षाविद् एवं पटकथा लेखक डॉ. रवींद्र कात्यायन की कहानी ‘प्यार एक झरना है’ के कथा-पाठ के बाद आयोजित विमर्श में व्यक्त किए।

दूसरे सत्र में रचना-पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें अभिनेता दिनेश शाकुल, श्रीमती कमलेश पाठक, प्रदीप गुप्ता, सविता दत्त, प्रज्ञा, यशपाल यश, कमर हाजीपुरी, शिवदत्त अक्स, राजीव, रोहित, राजेश ऋतुपर्ण तथा देवमणि पाण्डेय ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। वहीं गायिका नाजनीन और गायक आकाश ठाकुर ने अपनी शानदार प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं का मन मोह लिया।
‘धरोहर’ सत्र के अंतर्गत सुभाष काबरा ने हिंदी कहानी की परंपरा पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन देवमणि पाण्डेय ने किया।
