
▪️ देहरादून
लंबे अंतराल के बाद शुरू हुई कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। यात्रा का पहला जत्था 15 जून को नई दिल्ली से सिक्किम स्थित नाथू ला दर्रे के लिए रवाना हो चुका है। इस मार्ग से कुल 10 दलों में श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर पहुंचेंगे।
वहीं उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से यात्रा करने वाला पहला दल 4 जुलाई को उत्तराखंड पहुंचेगा। इस मार्ग से भी 10 दलों में कुल 500 श्रद्धालु यात्रा करेंगे। प्रत्येक दल में 50 यात्रियों को शामिल किया गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहला दल 10 जुलाई को तिब्बत में प्रवेश करेगा। यात्रियों के आवागमन के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा 12 वाहनों की व्यवस्था की गई है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा को दुनिया की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में गिना जाता है। हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान शिव का निवास कैलाश पर्वत पर है। कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की परिक्रमा को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। यह स्थल केवल हिंदू धर्म ही नहीं, बल्कि बौद्ध और जैन धर्मावलंबियों के लिए भी अत्यंत पवित्र है। समुद्र तल से लगभग 6,638 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह क्षेत्र अपनी आध्यात्मिक महत्ता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है।
▪️ कैसे करें पंजीकरण?
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आवेदन विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट https://kmy.gov.in पर किया जाता है। वर्ष 2026 की यात्रा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 19 मई निर्धारित की गई थी। केवल वैध भारतीय पासपोर्ट धारक ही इस यात्रा के लिए आवेदन कर सकते हैं।
यात्रा के लिए कम से कम छह माह की वैधता वाला पासपोर्ट, पासपोर्ट आकार का फोटो, पहचान पत्र, मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, यात्रा बीमा तथा चीन द्वारा जारी वीजा या विशेष परमिट आवश्यक होता है।
▪️ दो प्रमुख मार्ग
• लिपुलेख दर्रा, उत्तराखंड
यह पारंपरिक मार्ग दिल्ली, काठगोदाम, पिथौरागढ़, धारचूला और लिपुलेख दर्रे से होकर तिब्बत के ताकलाकोट पहुंचता है। इसके बाद श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर पहुंचते हैं। इस मार्ग से यात्रा पूरी करने में सामान्यतः 22 से 25 दिन का समय लगता है।
• नाथू ला दर्रा, सिक्किम
नाथू ला मार्ग अपेक्षाकृत अधिक सुविधाजनक माना जाता है क्योंकि अधिकांश यात्रा मोटर वाहनों से पूरी होती है। इस मार्ग से यात्रा लगभग 21 दिनों में संपन्न हो जाती है।
▪️ चयन और खर्च
यात्रियों का चयन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत कंप्यूटर आधारित रैंडम लॉटरी प्रणाली से किया जाता है। सरकारी व्यवस्था के अंतर्गत यात्रा का अनुमानित खर्च लगभग 2.09 लाख रुपए प्रति व्यक्ति आता है। वहीं नेपाल मार्ग से निजी तौर पर यात्रा करने पर यह खर्च लगभग 2.30 लाख से 3 लाख रुपए तक पहुंच सकता है।
▪️ यात्रा का उपयुक्त समय
मई के मध्य से सितंबर तक का समय कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। इस अवधि में मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल रहता है और मार्ग भी सुगम होते हैं, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित एवं सुविधाजनक ढंग से अपनी आध्यात्मिक यात्रा पूरी कर सकते हैं।
