
▪️ मुंबई
महाराष्ट्र में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में गर्मी और उमस बढ़ गई है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों और भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा संकेतों के अनुसार 24-25 जून के बाद राज्य में वर्षा गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार जून के प्रारंभ में मानसून ने महाराष्ट्र में अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन बाद में उसकी प्रगति रुक गई। इसके कारण मुंबई, कोंकण, मराठवाड़ा और विदर्भ के अनेक क्षेत्रों में अपेक्षित वर्षा नहीं हो सकी। फिलहाल राज्य के कई भागों में शुष्क मौसम बना हुआ है और कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है।
हवामान अभ्यासक पंजाबराव डख ने भी अपने ताजा अनुमान में कहा है कि 21 जून के बाद और विशेष रूप से जून के अंतिम सप्ताह में महाराष्ट्र में वर्षा का जोर बढ़ सकता है। उनके अनुसार 21 से 30 जून के बीच राज्य के अनेक हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे किसानों को राहत मिल सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की वर्तमान सुस्ती के कारण खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो रही है। विदर्भ क्षेत्र में जून माह के दौरान सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि 24-25 जून के बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।
मुंबई और कोंकण क्षेत्र में भी लोगों को अच्छी बारिश के लिए 25 जून तक इंतजार करना पड़ सकता है। इस दौरान गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने नागरिकों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने तथा किसानों को स्थायी वर्षा शुरू होने तक बुआई संबंधी निर्णय सावधानी से लेने की सलाह दी है।
मौसम विभाग का मानना है कि जून के अंतिम सप्ताह में मानसून फिर गति पकड़ सकता है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। ऐसे में किसानों और आम नागरिकों की नजरें अब 25 जून के बाद बनने वाली मौसमीय परिस्थितियों पर टिकी हुई हैं।
