▪️गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 35 लाख रुपए तक सहायता की तैयारी

- नागपुर। नागपुर के धनवटे नेशनल कॉलेज परिसर में आयोजित महाआरोग्य शिविर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी गरीब मरीज का उपचार नहीं रुकना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष में मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता निधि से 57 हजार मरीजों के इलाज के लिए 452 करोड़ रुपए की सहायता दी गई है। साथ ही धर्मादाय अस्पतालों में गरीब मरीजों के लिए आरक्षित बिस्तरों के प्रभावी उपयोग हेतु डिजिटल व्यवस्था विकसित की गई है।
उन्होंने कहा कि महात्मा फुले जनआरोग्य योजना का दायरा बढ़ाते हुए कई गंभीर बीमारियों को शामिल किया गया है। सरकार 5 लाख रुपए से अधिक खर्च वाले लगभग 10 गंभीर रोगों के उपचार के लिए 9 लाख रुपए तक तथा कुछ विशेष बीमारियों में 35 लाख रुपए तक आर्थिक सहायता देने की नीति पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने सुनने में असमर्थ बच्चों के लिए निःशुल्क कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि उपचार के अभाव में कोई भी बच्चा मूक-बधिर न रहे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 9 अगस्त को दिव्यांगजनों को कृत्रिम हाथ-पैर वितरित किए जाएंगे।
महाआरोग्य शिविर में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी भाग लिया। उन्होंने कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाओं और इंजेक्शनों की लागत कम करने के लिए राज्य सरकार से विशेष प्रयास करने का आग्रह किया। इस अवसर पर पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, सांसद अजीत गोपचड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
