
▪️नई दिल्ली
भारतीय मूल के अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के बाहर अपनी पहली स्पेसवॉक सफलतापूर्वक पूरी कर अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। करीब साढ़े छह घंटे तक चली इस चुनौतीपूर्ण गतिविधि के दौरान उन्होंने अनुभवी अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर के साथ मिलकर स्टेशन की विद्युत प्रणाली को उन्नत करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
स्पेसवॉक के दौरान दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने स्टेशन के बाहरी हिस्से में नए हार्डवेयर लगाए, जिससे भविष्य में लगाए जाने वाले अत्याधुनिक रोल-आउट सोलर एरे (IROSA) को जोड़ने की तैयारी पूरी हो सके। इन नए सौर पैनलों से ISS की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए अधिक ऊर्जा उपलब्ध होगी।
अनिल मेनन पेशे से चिकित्सक रहे हैं और 2021 में नासा के अंतरिक्ष यात्री दल में शामिल हुए थे। हाल ही में वे अपने पहले अंतरिक्ष मिशन के तहत ISS पहुंचे हैं। उनकी यह पहली स्पेसवॉक उनके करियर की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है और भारतीय मूल के वैज्ञानिकों की वैश्विक अंतरिक्ष अभियानों में बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करती है।
नासा के अनुसार, अगस्त में प्रस्तावित तीन स्पेसवॉक में यह पहली गतिविधि थी, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को भविष्य के अभियानों और वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए अधिक सक्षम बनाना है।
