
▪️कल्याण
होली होराइजन स्कूल परिसर में श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण के बीच महा रुद्राभिषेक पूजा का आयोजन किया गया। पूजा की सभी धार्मिक विधियां संत श्री अप्रमेय प्रपन्नाचार्य जी के निर्देशन और सानिध्य में विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुईं। इस अवसर पर परिवारजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने सामूहिक रूप से भगवान शिव का अभिषेक कर पूजा-अर्चना की।
आयोजन के संयोजक डॉ. रमाकांत क्षितिज ने कहा कि अच्छे कार्यों को अकेले करने के बजाय सामूहिक रूप से करना अधिक सार्थक होता है। जब अनेक लोग एक उद्देश्य के लिए एक साथ आते हैं, तो व्यक्ति का महत्व पीछे रह जाता है और सामूहिक उद्देश्य सर्वोपरि हो जाता है। सामूहिक रूप से शिव की आराधना करने से अहंकार की भावना कम होती है तथा सहयोग, समर्पण और एकत्व की भावना मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि भारतीय आध्यात्मिक चिंतन में ईश्वर को निराकार माना गया है। वह सबमें विद्यमान होते हुए भी किसी एक सीमा में बंधे नहीं हैं। ईश्वर प्रकृति से बंधे नहीं, बल्कि प्रकृति के आधार हैं। इसी भाव को आत्मसात करते हुए रुद्राभिषेक को व्यक्तिगत पूजा के बजाय सामूहिक सहभागिता का स्वरूप दिया गया।
डॉ. क्षितिज ने कहा कि लोगों को साथ लेकर चलना और सामूहिक प्रयास करना उनके लिए सदैव महत्वपूर्ण रहा है। इसी भावना के तहत उन्होंने अपने हित-मित्रों और परिवारजनों को साथ लेकर इस धार्मिक आयोजन का स्वरूप तैयार किया।
पूजा के दौरान यश, अमर, देवानंद और एडवोकेट नितेश पांडे ने श्रद्धालुओं को पूजा की विभिन्न विधियां उचित क्रम और विधि-विधान के साथ संपन्न कराने में सहयोग किया। उनके सहयोग से सभी श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान में सहजता से भाग लिया।
महा रुद्राभिषेक में गिरजा शंकर मिश्र, सभाजीत पांडे, राजेंद्र तिवारी, मनोज मिश्रा, संजय पांडेय, सुशील पांडे, विनोद पांडे, डॉ. विजय यादव, आकाश मिश्रा, श्रीकांत तिवारी, लाल पांडे, भानुमति तिवारी, अमरावती पांडे, श्वेताँक उपाध्याय, मुक्ति तिवारी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने परिवार सहित सहभागिता की।
पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। सामूहिक पूजा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने सामाजिक एकता, सहयोग और समर्पण का संदेश दिया तथा एक उद्देश्य के लिए साथ आकर अहंकार से ऊपर उठने की प्रेरणा भी दी।
