
▪️मुंबई। सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों की नंबर प्लेट अलग-अलग रंगों की होती है। सफेद, पीली, हरी, लाल और नीली नंबर प्लेट केवल डिजाइन का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए वाहन की श्रेणी और इस्तेमाल की जानकारी मिलती है।
• सफेद नंबर प्लेट: निजी वाहनों के लिए सफेद रंग की नंबर प्लेट का इस्तेमाल होता है। कार, बाइक, स्कूटर जैसे व्यक्तिगत उपयोग वाले वाहनों की प्लेट पर काले रंग से नंबर लिखे होते हैं।
• पीली नंबर प्लेट: टैक्सी, ऑटो, बस और माल ढोने वाले वाहनों जैसे व्यावसायिक वाहनों पर पीले रंग की नंबर प्लेट लगाई जाती है। इस पर काले रंग से पंजीकरण नंबर दर्ज होता है।
• हरी नंबर प्लेट: इलेक्ट्रिक वाहनों की पहचान हरे रंग की नंबर प्लेट से होती है। निजी इलेक्ट्रिक वाहनों पर हरे बैकग्राउंड में सफेद अक्षर होते हैं, जबकि इलेक्ट्रिक व्यावसायिक वाहनों के लिए भी हरे रंग की प्लेट का प्रावधान है।
• लाल नंबर प्लेट: लाल रंग की प्लेट मुख्य रूप से अस्थायी पंजीकरण वाले वाहनों से जुड़ी होती है। नया वाहन खरीदने के बाद स्थायी पंजीकरण नंबर मिलने तक निर्धारित अवधि के लिए अस्थायी नंबर दिया जा सकता है।
• नीली नंबर प्लेट: नीली नंबर प्लेट राजनयिक मिशनों और विदेशी दूतावासों से जुड़े वाहनों पर इस्तेमाल की जाती है। इन प्लेटों पर सामान्य वाहनों से अलग विशेष नंबर या कोड होते हैं।
इस तरह नंबर प्लेट का रंग देखकर वाहन के निजी, व्यावसायिक, इलेक्ट्रिक, अस्थायी या राजनयिक श्रेणी में होने की जानकारी मिल सकती है।
