
▪️मुंबई। सुप्रसिद्ध कवि, ‘चिंतनदिशा’ त्रैमासिक के संपादक एवं जनवादी लेखक संघ, महाराष्ट्र के पूर्व अध्यक्ष हृदयेश मयंक ने हाल ही में जीवन के 75 वर्ष पूर्ण कर 76वें वर्ष में प्रवेश किया। लीवर ट्रांसप्लांट के बाद पिछले चार-पांच वर्षों से जीवन-संघर्ष करते हुए उन्होंने स्वस्थ जीवन की ओर वापसी की है। इसी खुशी में उनके परिवारजनों ने स्वरसंगम फाउंडेशन के साथियों के सहयोग से भव्य अमृत महोत्सव एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया।
समारोह में न केवल हृदयेश मयंक का सम्मान किया गया, बल्कि उनके उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले दोनों चिकित्सकों का भी अभिनंदन कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। डॉ. सोमनाथ चट्टोपाध्याय और डॉ. गौरव मेहता भावुक हो उठे और उन्होंने मयंक के बेटे एवं डोनर अभिषेक दुबे की सराहना की।
इस अवसर पर सुप्रसिद्ध गीतकार समीर अनजान, लोकप्रिय विधायक नरेंद्र मेहता, स्थानीय नगरसेवक मनोज दुबे, अनिल विरानी सहित नगर और उपनगर के अनेक लेखक, कवि एवं पत्रकार उपस्थित रहे। इनमें विनोद कुमार श्रीवास्तव, विनोददास, राकेश शर्मा, अजय ब्रह्मात्मज, धीरेंद्र अस्थाना, ललिता अस्थाना, संजय भिसे, मुख्तार खान, भूपेंद्र मिश्र, डॉ. रीता दास राम, प्रशांत जैन, डॉ. अवधेश राय, महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शीतलाप्रसाद दुबे, मराठी कवि सुनील ओवाल और भागवत बंसोडे समेत अनेक प्रतिष्ठित लोगों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
हर्ष व्यास ने हृदयेश मयंक की गजलों का सुरीले अंदाज में गायन प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। कार्यक्रम का सफल संचालन कवि शैलेश सिंह ने किया। बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति समारोह के प्रति उत्साह का परिचायक रही। आभार रमन मिश्र ने व्यक्त किया।
