
■ पटना
बिहार विधानसभा चुनाव में सीटो की संख्या कम रहने के बावजूद RJD के लिए एक बडी राहत यह रही कि वह सबसे अधिक वोट पाने वाली पार्टी बनी। 25 सीटे जीतने के बावजूद तेजस्वी यादव की पार्टी ने अपने अभियान से जनता का खासा समर्थन जुटाया पर भीड वोट में बदलकर सीटें नहीं बन सकी।
सबसे बड़ा वोट शेयर, कम सीटे
RJD ने 143 सीटों पर चुनाव लड़ा और 23 प्रतिशत वोट पाए। 2020 के मुकाबले सीटों में गिरावट हुई पर जनसमर्थन लगभग बरकरार रहा। इस बार पार्टी को 1.15 करोड़ वोट मिले।
BJP और JDU का प्रदर्शन
BJP 20.08 प्रतिशत वोट और 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। JDU ने 19.25 प्रतिशत वोट पाकर 85 सीटे जीतीं। यह दोनों दलो के वोट बैंक की मजबूती का संकेत है।

NDA का बढ़त, महागठबंधन कमजोर
NDA के दलों ने मिलकर लगभग 46–47 प्रतिशत वोट हासिल किए, जबकि महागठबंधन 36 प्रतिशत के आसपास ही रह गया। सहयोगी दलो के कमजोर प्रदर्शन ने RJD की सीटें घटा दीं, जबकि उसका वोट शेयर मजबूत रहा।
कड़े मुकाबले में जीत कम
कई सीटो पर RJD दूसरे स्थान पर रही, जिससे कुल वोट तो बढ़े पर जीत नहीं मिली। ज्यादा सीटों पर लड़ने से वोट संखया बढ़ी पर जीत प्रतिशत कम रहा।
आगे की राह
सीटों के लिहाज से यह RJD का कमजोर प्रदर्शन रहा, फिर भी वोट शेयर बताता है कि पार्टी की लोकप्रियता बरकरार है। तेजस्वी यादव के लिए अब चुनौती यही है कि इस जनसमर्थन को सीटो में बदलने की रणनीति कैसे मजबूत की जाए।
