
● मुंबई।
सर्दियों में ठंड न केवल शरीर को सुस्त करती है बल्कि प्रतिरक्षा तंत्र को भी कमजोर कर देती है। ऐसे में क्या खाया जा रहा है, यह उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि क्या पहना जा रहा है। इस मौसम में कई पौष्टिक स्नैक्स मिल जाते हैं, जिनमें गुड़ और चना एक पारंपरिक सुपरफूड माना जाता है। भारतीय घरों में यह संयोजन ऊर्जा बढ़ाने, शरीर को गर्म रखने और सेहत मजबूत करने के लिए वर्षों से खाया जाता रहा है।
गुड़ गन्ने या खजूर के रस से बनता है और परिष्कृत चीनी की तुलना में अधिक स्वास्थ्यकारी माना जाता है क्योंकि इसमें वे आवश्यक खनिज और विटामिन सुरक्षित रहते हैं, जो रिफाइनिंग में खत्म हो जाते हैं। दूसरी ओर, चना पौधों से प्राप्त प्रोटीन, फाइबर और अनेक पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत है।

गुड़ में आयरन और पोटैशियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हृदय के लिए लाभकारी माने जाते हैं। आयरन रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है, जबकि पोटैशियम रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद करता है। चने में कैल्शियम, मैग्नीशियम और आवश्यक विटामिन होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल कम करके हृदय रोग के जोखिम को घटाते हैं। नियमित रूप से गुड़ खाने से एनीमिया में भी राहत मिलती है क्योंकि यह हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक है।
यदि आपको कब्ज, गैस या अपच जैसी दिक्कतें रहती हैं, तो गुड़ और चना आपकी समस्या काफी हद तक कम कर सकते हैं। दोनों में मौजूद फाइबर पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाता है और आँतों को साफ रखने में मदद करता है। सुबह खाली पेट भुने चने के साथ थोड़ा गुड़ खाने से दिनभर पाचन तंत्र सक्रिय रहता है।

जो लोग व्यायाम करते हैं या सक्रिय जीवनशैली जीते हैं, उनके लिए भी यह संयोजन उपयोगी है। गुड़ में मौजूद पोटैशियम मांसपेशियों के दर्द और ऐंठन से बचाने में मदद करता है, जबकि चने का प्रोटीन थकान मिटाकर मांसपेशियों की रिकवरी को तेज करता है।
गुड़ और चना दिमाग के लिए भी लाभकारी हैं। गुड़ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट स्मरण शक्ति बढ़ाते हैं। दोनों में फॉस्फोरस पाया जाता है, जो दाँतों और हड्डियों को मजबूत बनाता है।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए अपने चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।
