
भोपाल।
अजाक्स के अध्यक्ष और आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग जोर पकड़ती जा रही है। जिस मुद्दे पर अक्सर भाजपा और कांग्रेस अलग-अलग दिखाई देते हैं, उस पर इस बार दोनों दलों के विधायक और कई कर्मचारी संगठन एक सुर में नजर आ रहे हैं।
भाजपा के दो सांसद केंद्र सरकार से वर्मा के खिलाफ कथित गलत पदोन्नति की जांच और कार्रवाई की मांग पहले ही कर चुके हैं। वहीं राज्य शासन द्वारा जारी नोटिस का जवाब वर्मा को गुरुवार तक देना है। सात दिन की अवधि पूरी होने के बाद उनके विरुद्ध कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ का कहना है कि वर्मा के जवाब के बाद विभाग जो भी कदम उठाएगा, उसी के आधार पर संगठन आगे की रणनीति तय करेगा। दूसरी ओर, ब्राह्मण संगठनों का कहना है कि यह मामला शांत होने वाला नहीं है।
उनका स्पष्ट कहना है कि यदि संतोष वर्मा पर एफआइआर दर्ज नहीं होती, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। अन्य राज्यों के सामाजिक संगठनों से भी संपर्क बना हुआ है और प्रदेश में बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है।
