■ सीपीसीबी आंकड़ों में दिखा स्पष्ट सुधार

मुंबई।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के लिए राहत भरी खबर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आधिकारिक आंकड़ों में इस वर्ष शहर की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। दिसंबर माह के पहले पखवाड़े में हवा पहले से कहीं अधिक स्वच्छ रही है।
सीपीसीबी के अनुसार 1 से 16 दिसंबर 2024 के दौरान मुंबई का वायु गुणवत्ता सूचकांक 158 से 167 के बीच रहा था, जबकि 1 से 16 दिसंबर 2025 की इसी अवधि में यह घटकर 105 से 113 के स्तर पर आ गया है। यह अंतर शहर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए गए ठोस प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण माना जा रहा है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा लगातार और बहुस्तरीय स्तर पर चलाए जा रहे अभियानों का सकारात्मक असर अब आधिकारिक आंकड़ों में भी नजर आने लगा है। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्व उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे ने बताया कि यह सुधार योजनाबद्ध कार्यवाही और सख्त निगरानी का परिणाम है।
डॉ. ढाकणे ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वायु गुणवत्ता से जुड़ी जानकारी के लिए केवल सीपीसीबी द्वारा जारी प्रमाणित आंकड़ों पर ही भरोसा करें। नागरिक सीपीसीबी की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल पर उपलब्ध ‘समीर’ ऐप के माध्यम से सटीक और अद्यतन जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
महानगरपालिका क्षेत्र में वायु गुणवत्ता की निगरानी सीपीसीबी द्वारा अधिकृत अत्याधुनिक रेफरेंस ग्रेड उपकरणों से की जाती है। इन उच्च गुणवत्ता वाले यंत्रों से प्राप्त आंकड़े विश्वसनीय होते हैं और इन्हीं प्रमाणित आंकड़ों को सार्वजनिक किया जाता है।
तुलनात्मक विश्लेषण से स्पष्ट है कि दिसंबर 2025 के पहले पखवाड़े में अधिकांश दिनों में एक्यूआई पिछले वर्ष की तुलना में कम दर्ज हुआ है, जो स्वच्छ हवा की दिशा में एक उत्साहजनक संकेत है।
वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए महानगरपालिका द्वारा सड़कों की डीप क्लीनिंग, मिस्टिंग मशीनों से पानी का छिड़काव, नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माण स्थलों को कारण बताओ नोटिस और गंभीर मामलों में कार्यस्थगन जैसी सख्त कार्रवाइयाँ लगातार की जा रही हैं। 1 से 16 दिसंबर 2025 के दौरान सैकड़ों स्थानों पर की गई इन कार्रवाइयों का सीधा असर वायु गुणवत्ता पर पड़ा है।
महानगरपालिका ने नागरिकों और संबंधित संस्थाओं से अपील की है कि कचरा न जलाएं, प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन करें।
