
मुंबई।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को जल्द ही तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक रेल सेवाओं की सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को संसद में जानकारी दी कि यात्री सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए मुंबई में रेलवे क्षमता बढ़ाने के लिए कई अहम परियोजनाओं पर काम जारी है। इसी क्रम में स्वचालित दरवाजा बंद प्रणाली से लैस 238 नई ट्रेनों की खरीद की जा रही है।
वर्तमान में मुंबई में प्रतिदिन लगभग 120 मेल–एक्सप्रेस और 3,200 से अधिक उपनगरीय लोकल ट्रेनों का संचालन होता है। इतनी विशाल यात्री संख्या को सुचारू रूप से संभालने के लिए शहर और उपनगरों में रेलवे ढांचे को व्यापक रूप से सशक्त किया जा रहा है।
रेलवे के अनुसार बांद्रा में तीन पिट लाइनें पूरी हो चुकी हैं, जबकि कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं विभिन्न चरणों में हैं। इनमें लोकमान्य तिलक टर्मिनस डिपो का विस्तार, परेल में छह नए प्लेटफॉर्म, कल्याण में छह प्लेटफॉर्म, पनवेल और कलंबोली में पाँच–पाँच प्लेटफॉर्म का निर्माण शामिल है। इसके साथ ही 24 कोच वाली ट्रेनों के संचालन को ध्यान में रखते हुए मुंबई सेंट्रल पर प्लेटफॉर्म विस्तार किया जा रहा है। जोगेश्वरी में दो, दादर में एक अतिरिक्त और वसई रोड पर छह नए प्लेटफॉर्म भी इस योजना का हिस्सा हैं।
रेल मंत्री ने कहा कि बढ़ती यात्री मांग को देखते हुए न केवल मुंबई, बल्कि देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी रेल सेवाओं की क्षमता बढ़ाने का काम तेज़ी से किया जा रहा है। इन प्रयासों से यात्रियों को अधिक आरामदायक, सुरक्षित और समयबद्ध रेल सेवा उपलब्ध हो सकेगी।
