
● नई दिल्ली
नए साल की शुरुआत के साथ ही देश को एक नया और भरोसेमंद राइड-हेलिंग विकल्प मिलने जा रहा है। 1 जनवरी 2026 से ‘भारत टैक्सी’ ऐप लॉन्च किया जा रहा है, जो सरकारी सहयोग से तैयार किया गया प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य यात्रियों को किफायती, सुरक्षित और पारदर्शी सेवा देना है, वहीं ड्राइवरों की आय को भी मजबूती प्रदान करना है।
भारत टैक्सी एप पर ऑटो-रिक्शा, कार और बाइक तीनों तरह की सेवाएं उपलब्ध होंगी। यात्री अपनी जरूरत और बजट के अनुसार विकल्प चुन सकेंगे। खास बात यह है कि इस एप में किराए को स्थिर रखने पर जोर दिया गया है, जिससे पीक ऑवर्स या खराब मौसम में अचानक बढ़े हुए किराए से यात्रियों को राहत मिलेगी।
अब तक ओला और उबर जैसे निजी प्लेटफॉर्म्स पर सर्ज प्राइसिंग यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी रही है। भारत टैक्सी इस चलन से अलग राह पर चलने का दावा कर रही है। सरकारी पहल होने के कारण इसमें पारदर्शिता और भरोसे को प्राथमिकता दी गई है, ताकि आम लोगों को सस्ती और भरोसेमंद सवारी मिल सके।
ड्राइवरों के लिए बड़ा फायदा
भारत टैक्सी मॉडल में ड्राइवरों को कुल किराए का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा मिलेगा। इससे उनकी वास्तविक कमाई में बढ़ोतरी होगी। निजी ऐप्स में अधिक कमीशन कटौती के कारण ड्राइवरों को नुकसान होता रहा है। इस नई पहल में ड्राइवर सिर्फ सेवा प्रदाता नहीं बल्कि सह-मालिक की भूमिका में होंगे। लॉन्च से पहले ही दिल्ली में लगभग 56 हजार ड्राइवरों का पंजीकरण हो चुका है।
सुरक्षा और तकनीक पर जोर
ऐप में रियल-टाइम व्हीकल ट्रैकिंग की सुविधा होगी। केवल सत्यापित ड्राइवरों को ही प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे कस्टमर सपोर्ट उपलब्ध रहेगा। इसके साथ ही ऐप कई भारतीय भाषाओं में काम करेगा, जिससे अधिक से अधिक लोग आसानी से इसका उपयोग कर सकें।
भारत टैक्सी देश का पहला राष्ट्रीय सहकारी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे सहकारिता मंत्रालय और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन ने मिलकर विकसित किया है। सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के साथ इस संबंध में एमओयू भी हो चुका है।
इसकी शुरुआत दिल्ली से होगी लेकिन आने वाले समय में इसे अन्य शहरों में भी विस्तार देने की तैयारी है। सरकारी समर्थन के साथ भारत टैक्सी कैब बाज़ार में एक मज़बूत विकल्प बनकर उभर सकती है जहां यात्रियों को राहत मिलेगी और ड्राइवरों को सम्मानजनक कमाई। इससे निजी कंपनियों की मनमानी पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है।
