
उच्च शिक्षा के छात्रों के लिए राहत और अवसर की बड़ी खबर है। ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और ब्रिटेन के बाद अब फिनलैंड के विश्वविद्यालय भी भारत में अपने कैंपस शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। इसके साथ ही भारत–फिनलैंड के बीच यूनिवर्सिटी एक्सचेंज प्रोग्राम पर भी सहमति बनी है, जिससे छात्र एक या दो सेमेस्टर के लिए पार्टनर विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर सकेंगे और अंतरराष्ट्रीय अनुभव व संस्कृति से रूबरू होंगे।
इस संबंध में शिक्षा मंत्रालय और फिनलैंड के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बैठक हुई, जिसमें नेशनल एजुकेशन पॉलिसी-2020 के तहत स्कूल, उच्च शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और रिसर्च सहयोग पर चर्चा हुई। फिनलैंड ने भारत में कैंपस खोलने को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। SPARC योजना के तहत रिसर्च पार्टनरशिप, छात्र-फैकल्टी मोबिलिटी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
सरकार ने कई विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस खोलने की अनुमति दी है। वर्ष 2026 से 16 विदेशी विश्वविद्यालयों के भारतीय कैंपस में ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन कोर्स शुरू होंगे। फिनलैंड खासतौर पर टेक्नोलॉजी, साइंस, इंजीनियरिंग, मैथ्स और बिजनेस कोर्सेज को प्राथमिकता देगा।
गुजरात की गिफ्ट सिटी में ऑस्ट्रेलिया के दो विश्वविद्यालयों की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ वोलोंगोंग और डीकिन यूनिवर्सिटी के कैंपस चालू हैं, जबकि साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी ने 2025 सत्र से गुरुग्राम में पढ़ाई शुरू कर दी है। अगस्त 2026 से लिवरपूल यूनिवर्सिटी बेंगलुरु में, वहीं 2026 से अबरदीन यूनिवर्सिटी, इलिनोइस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, यॉर्क यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया और इटली के नामी डिजाइन संस्थान मुंबई में अपने कैंपस शुरू करेंगे।
