
● मुंबई ।
महाराष्ट्र के नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली महायुति ने रविवार को निर्णायक बढ़त दर्ज करते हुए बड़ी जीत हासिल की। राज्य की 288 नगर परिषद और नगर पंचायतों के नतीजों में महायुति को 200 से अधिक स्थानों पर सफलता मिली है। इनमें अकेले भाजपा ने 129 नगर परिषदों में जीत दर्ज की या वह आगे चल रही है, जिससे वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
महायुति के अन्य घटकों में शिवसेना (शिंदे) ने 51 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार) ने 33 स्थानों पर बढ़त या जीत हासिल की है। दूसरी ओर, विपक्षी महा विकास अघाड़ी को कुल मिलाकर 52 स्थानों तक ही सीमित रहना पड़ा। नतीजों के बाद कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) की ओर से पराजय स्वीकार करने के संकेत मिले, वहीं उन्होंने चुनाव आयोग और ईवीएम व्यवस्था पर सवाल भी उठाए।
- महाराष्ट्र की जनता का आभार: प्रधानमंत्री मोदी
सोशल मीडिया मंच एक्स पर मराठी में पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र की जनता का आभार व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने महायुति के कार्यकर्ताओं की भी सराहना की है। उन्होंने लिखा, ‘महाराष्ट्र विकास के पक्ष में दृढ़ता से खड़ा है। नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में भारतीय जनता पार्टी और महायुति पर विश्वास जताने के लिए मैं महाराष्ट्र की जनता का आभारी हूँ। यह हमारे जन-केंद्रित विकास दृष्टिकोण पर जनता द्वारा जताए गए भरोसे का प्रतीक है। हम राज्य के प्रत्येक नागरिक की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नई ऊर्जा के साथ कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जीत पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने सकारात्मक राजनीति को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि प्रचार के दौरान उन्होंने किसी व्यक्ति या दल पर आरोप लगाने के स्थान पर अपनी योजनाओं और विकास कार्यों को सामने रखा। मुख्यमंत्री के अनुसार, भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनावों में नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जहां लगभग 48 प्रतिशत पार्षद पार्टी के चुनाव चिह्न पर विजयी हुए हैं और 129 नगर परिषदों में भाजपा के उम्मीदवार अध्यक्ष बने हैं। उन्होंने इस सफलता का श्रेय मजबूत संगठन और सरकार के विकासोन्मुखी कार्यों को दिया।
उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षद पदों पर जीतने वाले पार्टी उम्मीदवारों को बधाई दी, साथ ही एक संक्षिप्त टिप्पणी में राज्य चुनाव तंत्र की भूमिका पर कटाक्ष किया। शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राऊत ने महायुति की जीत को ईवीएम में कथित छेड़छाड़ और धनबल से जोड़ा। विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने भी आरोप लगाया कि धन और बाहुबल के प्रभाव में सत्ताधारी गठबंधन को बढ़त मिली।
दो चरणों में हुए इन चुनावों की मतगणना रविवार सुबह शुरू हुई थी और परिणामों ने राज्य की राजनीति में महायुति की मजबूत स्थिति को एक बार फिर रेखांकित कर दिया है।
