
● नई दिल्ली
रेल से यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए अहम सूचना है। भारतीय रेलवे ने यात्री किराए के ढांचे में सीमित बदलाव करने का निर्णय लिया है। इसके तहत जनरल, मेल/एक्सप्रेस और एसी श्रेणियों के टिकटों की दरों में बढ़ोतरी की जा रही है। रेलवे के अनुसार संशोधित किराया 26 दिसंबर 2025 से प्रभावी होगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि लोकल ट्रेनों और मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) के किराए में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
● किस श्रेणी में कितनी बढ़ोतरी?
रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 215 किलोमीटर से अधिक दूरी की साधारण श्रेणी यात्रा पर 1 पैसा प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी। मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की नॉन-एसी श्रेणी में किराया 2 पैसा प्रति किलोमीटर बढ़ेगा।एसी श्रेणी में भी 2 पैसा प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई है। उदाहरण के तौर पर, 500 किलोमीटर की नॉन-एसी यात्रा पर यात्रियों को कुल मिलाकर केवल 10 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे।
● किराया बढ़ाने का कारण क्या?
रेलवे का कहना है कि बीते एक दशक में नेटवर्क का व्यापक विस्तार हुआ है और ट्रेनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सुरक्षा और बेहतर परिचालन के लिए कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई गई है, जिससे वेतन और भत्तों पर खर्च काफी बढ़ा है। वर्तमान में मैनपावर पर सालाना खर्च लगभग 1.15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि पेंशन पर करीब 60 हजार करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। वर्ष 2024-25 में रेलवे का कुल परिचालन खर्च 2.63 लाख करोड़ रुपये रहा।
इन बढ़ती लागतों के संतुलन के लिए रेलवे ने माल ढुलाई में विस्तार के साथ यात्री किराए में सीमित बढ़ोतरी का रास्ता अपनाया है। रेलवे का दावा है कि सुरक्षा उपायों के चलते सेफ्टी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा माल परिवहन रेलवे नेटवर्क बन चुका है और त्योहारों के दौरान 12 हजार से अधिक ट्रेनों का सफल संचालन इसकी क्षमता और प्रबंधन का प्रमाण है।
