
दिल की बीमारियों से होने वाली 80 प्रतिशत से अधिक मौतें हार्ट अटैक और स्ट्रोक के कारण होती हैं। आम धारणा है कि अगर कोलेस्ट्रॉल सामान्य है तो दिल सुरक्षित है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पूरी सच्चाई नहीं है। कोलेस्ट्रॉल के अलावा भी कई संकेत और कारक हैं, जो दिल के दौरे की चेतावनी पहले ही दे सकते हैं खासकर सर्दियों में।
2024 में अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के जर्नल जेएसीसी में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार अत्यधिक ठंड और अचानक पड़ने वाली ठंडी लहरें हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ा देती हैं। यह खतरा ठंड शुरू होते ही नहीं बल्कि 2 से 6 दिन बाद सबसे अधिक होता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के आंकड़े भी बताते हैं कि क्रिसमस और नए साल के आसपास हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में रक्त नलिकाओं का सिकुड़ना, ब्लड प्रेशर बढ़ना, कम शारीरिक गतिविधि, भारी भोजन और हार्मोनल बदलाव दिल पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि इस मौसम में वजन नियंत्रित रखें, तला-भुना और ज्यादा नमक-चीनी से बचें, नियमित व्यायाम करें, तनाव कम रखें और ब्लड प्रेशर, शुगर व कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते रहें। छोटे-छोटे एहतियाती कदम सर्दियों में हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
