पुस्तक समीक्षा ■ राजेश विक्रांत

सुप्रसिद्ध इतिहासकार, वैज्ञानिक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता इंजीनियर हेमन्त कुमार की पुस्तक “कारगिल युद्ध के अमर बलिदानी नायक अशोक कुमार” (कारगिल युद्ध में वीरगति प्राप्त करने वाले जनपद बिजनौर, उत्तर प्रदेश के प्रथम और एकमात्र सैनिक) अपने आप में एक अनोखी और शोधपरक कृति है।
इस पुस्तक में कारगिल युद्ध का संक्षिप्त विवरण, आज़ादी के अमृत महोत्सव का शुभारंभ, जनपद बिजनौर एवं ग्राम फीना का परिचय, नायक अशोक कुमार का जीवन परिचय, जन्म-स्थान, माता-पिता, शिक्षा आदि का विस्तृत उल्लेख किया गया है। इसके साथ-साथ नायक अशोक कुमार की स्मृति को संजोने से जुड़े कार्य, उनसे संबंधित फ़ोटो, स्मृति-चिह्न, पदक, पत्र एवं अन्य अभिलेखों को भी समाहित किया गया है।
पुस्तक में अशोक कुमार की समाधि-स्थल पर आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों और उनके फोटोग्राफ़्स, बेल वाला चौराहे के निकट अंत्येष्टि स्थल, समाधि-स्थल पर प्रतिमा की स्थापना एवं अनावरण, प्रधानमंत्री द्वारा वीरगति प्राप्त सैनिकों को स्मृति-चिह्न प्रदान करने का कार्यक्रम, आज़ादी का अमृत महोत्सव (2021–23) के अंतर्गत श्रद्धांजलि आयोजन, कारगिल विजय दिवस पर श्रद्धांजलि तथा अन्य अवसरों 15 अगस्त, 16 अगस्त और 26 जनवरी पर हुए कार्यक्रमों का भी सुसंगत विवरण दिया गया है।
इतिहास और तथ्यों के संकलन, स्मृति-संरक्षण एवं नामकरण से जुड़े कार्यों का भी पुस्तक में उल्लेख है। नायक अशोक कुमार के नाम पर किए गए प्रमुख नामकरणों में ग्राम फीना के बेल वाला चौक पर शहीद अशोक कुमार की प्रतिमा की स्थापना तथा नूरपुर ब्लॉक परिसर में स्थापित पत्थर पर उनका नाम अंकित किया जाना प्रमुख है। इसके अतिरिक्त, नायक अशोक कुमार से संबंधित समाचारों को भी पुस्तक में स्थान दिया गया है।
इस पुस्तक का शोध, संकलन और लेखन करने वाले इं. हेमन्त कुमार ग्राम फीना, जनपद बिजनौर (उ०प्र०) के मूल निवासी हैं। ग्राम फीना नूरपुर-चांदपुर क्षेत्र का एक ऐतिहासिक गाँव है। वर्तमान में आप सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। सामान्य विज्ञान, स्थानीय इतिहास, शोध, पेटेंट, डिज़ाइनिंग, लेखन तथा संस्कृति-संवर्धन के क्षेत्र में इं. हेमन्त कुमार लंबे समय से सक्रिय हैं।
इन क्षेत्रों में सुव्यवस्थित कार्य के उद्देश्य से आपने क्षेत्रीय इतिहास संकलन एवं लेखन अभियान (जनपद बिजनौर), भवन निर्माण तकनीक जनजागरण अभियान तथा पेड़ जियाओ अभियान की स्थापना की। इन अभियानों के अंतर्गत आपके अनेक शोध-पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। आपके कुछ आविष्कारों को भारत सरकार से पेटेंट प्राप्त हुआ है। भवन निर्माण कला पर आपकी दो जनोपयोगी पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। आपकी पुस्तक “विविध प्रकार के भवनों का परिचय एवं नक्शे” को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा प्रतिष्ठित सम्पूर्णानन्द नामित पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। जल अभियांत्रिकी में उल्लेखनीय शोध कार्य के लिए आपको ए. एन. खोसला पदक भी प्राप्त हुआ है।
कई गुमनाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आपके शोधपूर्ण लेख प्रकाशित हुए हैं। आपने अपने गाँव के सेनानियों पर आधारित पुस्तक “ग्राम फीना के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनकी संघर्ष गाथा” भी लिखी है। आपकी नवीनतम ई-बुक “चित्रों के झरोखे से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण” है।
“कारगिल युद्ध के अमर बलिदानी नायक अशोक कुमार” एक उपयोगी और ऐतिहासिक कृति है। पूरी पुस्तक दुर्लभ चित्रों और प्रमाणिक तथ्यों से समृद्ध है। इसके लिए इं. हेमन्त कुमार बधाई के पात्र हैं। उन्होंने भूले-बिसरे क्रांतिकारियों को प्रकाश में लाने का महत्त्वपूर्ण कार्य किया है और आज भी इस दिशा में निरंतर सक्रिय हैं।
पुस्तक का मुद्रण, प्रकाशन एवं वितरण कोर प्रकाशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली द्वारा किया गया है। 154 पृष्ठों की इस पुस्तक का मूल्य 200 रुपये है।
