
अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिर्फ सलाह देने या जानकारी ढूंढने तक सीमित नहीं रह गया है। अब यह इंसानों की तरफ़ से खरीदारी और भुगतान जैसे काम भी करने लगा है। टेक्नोलॉजी और पेमेंट सॉल्यूशन कंपनी ग्लोबल पेमेंट्स इंक की एक नई रिपोर्ट के अनुसार AI अब ऐसे दौर में पहुंच रहा है, जहां वह खुद फैसले लेकर लेनदेन पूरा कर सकता है। इसे ‘एजेंटिक कॉमर्स’ कहा जा रहा है।
अब तक AI का इस्तेमाल ज़्यादातर सर्च करने, सुझाव देने या कस्टमर सपोर्ट में होता था, लेकिन अब यह ऑर्डर देना, भुगतान करना और सेवाओं को मैनेज करना भी सीख चुका है। रिपोर्ट बताती है कि लोग यह समझने लगे हैं कि AI रिसर्च करने, चीज़ों की तुलना करने और सही फैसला लेने में काफी मददगार है।
रिपोर्ट में रोजमर्रा की ज़िंदगी का उदाहरण भी दिया गया है। जैसे कोई व्यक्ति AI से कह सकता है कि वह पूरे हफ्ते का खाने का प्लान बनाए, रेसिपी बताए, पुराने खर्च और पसंद के हिसाब से खरीदारी की लिस्ट तैयार करे और जरूरत पड़ने पर सामान खुद ही ऑर्डर कर दे। भुगतान की प्रक्रिया भी बिना बार-बार अनुमति लिए पूरी हो सकती है।
बिज़नेस की दुनिया में भी AI एजेंट कई जिम्मेदारियां संभालने लगे हैं। जैसे सामान की सप्लाई मैनेज करना, सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन देखना, मेंटेनेंस का समय तय करना और कर्मचारियों या फ्रीलांस वर्कर्स को भुगतान करना। खास पेमेंट सिस्टम की मदद से इन लेनदेन को ज्यादा सुरक्षित बनाया जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक पहले कंपनियां AI का इस्तेमाल सिर्फ कस्टमर सपोर्ट या डेटा एनालिसिस के लिए करती थीं, लेकिन अब उसे खुद फैसले लेने वाले एक सहायक के रूप में देखा जा रहा है। सर्वे में सामने आया है कि लगभग 15 फीसदी कंपनियां इस नई तकनीक को पूरी तरह समझ चुकी हैं, जबकि 72 फीसदी इसके बारे में कुछ जानकारी रखती हैं।
उपभोक्ताओं के लिए भी AI अब ट्रैवल प्लानिंग जैसे काम करने लगा है। जैसे एक हफ्ते की छुट्टी की योजना बनाना, फ्लाइट और होटल बुक करना, बजट में स्पा अपॉइंटमेंट तय करना और पसंद के मुताबिक कपड़ों की खरीदारी करना।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि AI अब सिर्फ यह नहीं बदल रहा कि लेनदेन कैसे होगा, बल्कि यह भी तय कर रहा है कि भुगतान कौन करेगा और कब करेगा। हालांकि, AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ सुरक्षा, भरोसे और नियंत्रण से जुड़े सवाल भी खड़े हो रहे हैं, जिन पर ध्यान देना ज़रूरी होगा।
