■ 24, 25, 26 जनवरी 2026 को दिव्य आयोजन

● सांगली
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन सान्निध्य में महाराष्ट्र का 59वां वार्षिक निरंकारी संत समागम 24, 25 और 26 जनवरी 2026 को सांगली में आयोजित होगा। इस विराट आध्यात्मिक महोत्सव की तैयारियों का विधिवत शुभारम्भ स्वैच्छिक सेवाओं के साथ कर दिया गया है।
सांगली–ईश्वरपुर रोड स्थित विशाल मैदान में लगभग 350 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित समागम की तैयारियों की शुरुआत संत निरंकारी मंडल के सेवादल के मुख्य संचालक एस. के. जुनेजा जी द्वारा भूमि पूजन एवं फावड़ा चलाकर की गई। कार्यक्रम का आरंभ सत्गुरु जयघोष और सामूहिक प्रार्थना से हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में उपस्थित सेवादल स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
इस अवसर पर मिशन के वरिष्ठ पदाधिकारी, समागम समिति के प्रतिनिधि, महाराष्ट्र के समस्त ज़ोनल इंचार्ज तथा विभिन्न क्षेत्रों से आए सेवादल संचालक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि यह संत समागम सत्यबोध, आत्मचिंतन और सामाजिक समरसता का सशक्त मंच बनेगा, जहां प्रेम, शांति, भाईचारा और सौहार्द का संदेश व्यापक रूप से प्रसारित होगा।

एस. के. जुनेजा ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि 59वां निरंकारी संत समागम सांगली नगर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि सिद्ध होगा। सेवादल के स्वयंसेवक निष्काम भाव से सेवाएँ अर्पित करते हुए दूर-दराज़ से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित सुविधाएँ सुनिश्चित करेंगे।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में निरंकारी संत समागमों की परंपरा वर्ष 1968 से चली आ रही है। प्रारंभिक वर्षों में ये आयोजन मुंबई में होते रहे, बाद में नाशिक, छत्रपति संभाजी नगर, नागपुर और पुणे जैसे शहरों तक इसका विस्तार हुआ। इस वर्ष 59वें समागम की मेज़बानी का सौभाग्य सांगली को प्राप्त हुआ है।
आयोजकों के अनुसार देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के इस समागम में सम्मिलित होने की संभावना है। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से सेवादल स्वयंसेवक और श्रद्धालु समागम स्थल पर पहुंचकर निष्काम सेवाओं के माध्यम से तैयारियों को गति देंगे।
