■ डिजिटल और कैशलेस टिकटिंग को अपनाने की अपील

● मुंबई
पश्चिम रेलवे ने यात्रियों के सफर को अधिक आसान, तेज और स्मार्ट बनाने की दिशा में एक नई पहल की है। डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेल वन ऐप के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता और प्रचार अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के जरिए यात्रियों को पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर आधुनिक और कैशलेस सुविधाओं को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
रेल वन ऐप भारतीय रेल का एक समग्र मोबाइल प्लेटफॉर्म है, जो यात्रियों को एक ही ऐप पर कई सुविधाएँ उपलब्ध कराता है। इसके माध्यम से आरक्षित और अनारक्षित टिकटों के साथ-साथ प्लेटफॉर्म टिकट की बुकिंग की जा सकती है। इसके अलावा पीएनआर स्टेटस, ट्रेन की रियल-टाइम जानकारी, कोच पोज़ीशन, ट्रैक योर ट्रेन, फूड ऑर्डर, रिफंड और रेल मदद जैसी सेवाएँ भी आसानी से प्राप्त की जा सकती हैं।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक द्वारा जारी जानकारी के अनुसार टिकट बुकिंग स्टाफ, टिकट चेकिंग स्टाफ और पर्यवेक्षकों को रेल वन ऐप की विशेषताओं का प्रशिक्षण दिया गया है। यह स्टाफ अब यात्रियों को ऐप के उपयोग के बारे में जानकारी देने और उन्हें डिजिटल टिकटिंग के लिए प्रोत्साहित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
यात्रियों तक संदेश पहुँचाने के लिए स्टेशनों पर पोस्टर और पर्चे लगाए गए हैं। प्रमुख स्टेशनों पर विशेष सहायता काउंटर शुरू किए गए हैं, वहीं जन उद्घोषणा प्रणाली और पश्चिम रेलवे के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी नियमित रूप से प्रचार किया जा रहा है।
डिजिटल टिकटिंग को और आकर्षक बनाने के लिए पश्चिम रेलवे ने प्रोत्साहन योजना भी लागू की है। इसके तहत 14 जनवरी 2026 से 14 जुलाई 2026 तक रेल वन ऐप के जरिए अनारक्षित टिकट बुक करने पर 3 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके अलावा रेल वैलेट से भुगतान करने पर 3 प्रतिशत कैशबैक (बोनस) का लाभ भी मिलेगा।
वर्तमान में यूटीएस ऐप का उपयोग कर रहे यात्रियों को भी सरल माइग्रेशन प्रक्रिया के माध्यम से रेल वन ऐप पर स्थानांतरित होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। निर्धारित चरणों का पालन कर यात्री बिना किसी बाधा के अपनी सेवाएँ नए ऐप पर जारी रख सकते हैं।
रेल वन ऐप की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एंड्रॉयड और iOS उपयोगकर्ताओं हेतु QR कोड स्टेशनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रचारित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक यात्री इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठा सकें।
